Gen-Z के बाद Gen Alpha का आंदोलन!UP,राजस्थान से MP तक स्कूलों में प्रदर्शन, क्या हैं बच्चों की मांगें?

Abhishek | Aug 14, 2026, 22:31 IST
जैसलमेर और जयपुर जैसे शहरों के स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं और जर्जर भवनों की समस्याओं को लेकर 'जेन-एल्फा' के छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJI) और जेन-जी ने मिलकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था। जेन-जी नीट पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, जिससे उनकी आवाज़ सड़क से लेकर संसद तक गूंजी और सरकार को उनकी माँगें माननी पड़ीं। अब जेन-जी के नक्शेकदम पर चलते हुए देश भर में 'जेन-एल्फा' (Gen Alpha) बच्चे भी सड़कों पर उतर आए हैं और प्रशासन के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।



कौन हैं जेन-एल्फा?

जेन-एल्फा के अंतर्गत वे बच्चे आते हैं जिनका जन्म 2010 से 2024 के बीच हुआ है। यानी मौजूदा समय में दो साल से लेकर 16 साल तक की उम्र के बच्चों को इस श्रेणी में रखा गया है। अब यही नौनिहाल अपनी बुनियादी ज़रूरतों और अधिकारों के लिए मुखर हो रहे हैं।



हमीरपुर: स्कूल के रास्ते की बदहाली और पक्की सड़क की माँग

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से एक बेहद भावुक तस्वीर सामने आई, जहाँ स्वतंत्रता दिवस की पूर्ववेला पर कक्षा 1 से 12 तक के बच्चे अपने अभिभावकों के साथ हाथों में तिरंगा थामे कलेक्ट्रेट दफ़्तर के सामने धरने पर बैठ गए। बच्चों की आँखें नम थीं और उनका कहना था कि गाँव की बदहाल सड़क उनकी पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा है। बरसात के मौसम में स्कूल का रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे उनका स्कूल जाना पूरी तरह बंद हो जाता है। हालाँकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द सड़क निर्माण का भरोसा देकर बच्चों को शांत कराया।




अलवर: जर्जर स्कूल की छत गिरने से गरमाया माहौल

राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी उपखंड क्षेत्र स्थित जोधावास के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की छत की एक पट्टी अचानक गिर गई। गनीमत यह रही कि उस समय वहाँ कोई छात्र मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद से गुस्से में आए छात्र पिछले दो दिनों से धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी का भी समर्थन मिला है, जिससे मामला और गर्मा गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और शिक्षा अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं।



लखनऊ: शिक्षकों की कमी से ठप हुई पढ़ाई

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना पारे क्षेत्र स्थित जय नारायण स्कूल के छात्र-छात्राएँ हाथों में तख्तियाँ और किताबें लेकर सड़क पर उतर आए और चौराहे पर जाम लगा दिया। बच्चों का कहना था कि परीक्षा सिर पर है लेकिन कोर्स आधा भी पूरा नहीं हुआ है क्योंकि स्कूल से मुख्य विषयों के शिक्षक गायब हैं। सूचना मिलने पर वहाँ से गुजर रहे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने गाड़ी रुकवाकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की और जल्द ही स्थाई शिक्षकों की तैनाती का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया।



कन्नौज: मेस के घटिया खाने के खिलाफ भूख हड़ताल

कन्नौज जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय अनौगी में मेस के खाने की गुणवत्ता को लेकर भारी असंतोष देखने को मिला। यहाँ कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों ने विरोध जताते हुए मेस के खाने का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया और खुद को हॉस्टल के कमरों में बंद कर लिया। छात्रों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद खाने की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।




उज्जैन: स्कूल शिफ्टिंग के विरोध में बेहोश हुईं छात्राएँ

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सराफा स्कूल को शहर से 12-15 किलोमीटर दूर दाऊदखेड़ी शिफ्ट किए जाने का भारी विरोध हो रहा है। रोज़ाना आने-जाने में होने वाली परेशानी और सुरक्षा के खतरे को लेकर छात्र-छात्राएँ सड़क पर उतर आए। इस उग्र प्रदर्शन के दौरान रोते-बिलखते हुए दो छात्राएँ बेहोश भी हो गईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। बच्चों का साफ कहना है कि वे किसी भी कीमत पर स्कूल को दूर शिफ्ट नहीं होने देंगे और उनका भविष्य दाँव पर नहीं लगने देंगे।

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