डेयरी किसानों के पास ₹5 लाख तक का पुरस्कार जीतने का मौका, 10 अगस्त से गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए आवेदन शुरू
डेयरी और पशुपालन से जुड़े किसानों, सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने का मौक़ा है। पशुपालन और डेयरी विभाग ने राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य देश में डेयरी क्षेत्र और स्वदेशी गोवंशीय नस्लों के संरक्षण व विकास के लिए काम कर रहे किसानों और अन्य लोगों के प्रयासों को पहचान देना है। इस साल पुरस्कार के लिए ऑनलाइन नामांकन 10 अगस्त 2026 से शुरू होंगे और आवेदन करने की अंतिम तारीख 10 सितंबर 2026 तय की गई है।
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत दिए जाते हैं। राष्ट्रीय गोकुल मिशन दिसंबर 2014 में स्वदेशी गोवंशीय नस्लों के वैज्ञानिक संरक्षण और विकास के उद्देश्य से शुरू किया गया था। वर्ष 2021 से हर साल इन पुरस्कारों के ज़रिये डेयरी किसानों, डेयरी सहकारी समितियों, दूध उत्पादक कंपनियों, डेयरी किसान उत्पादक संगठनों और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों के योगदान को सम्मानित किया जा रहा है। इस बार पुरस्कारों में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों के लिए भी विशेष पुरस्कार रखा गया है।
किन लोगों और संस्थाओं को मिलेगा पुरस्कार?
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए तीन प्रमुख श्रेणियों में नामांकन किए जाएंगे। पहली श्रेणी में स्वदेशी गाय और भैंस की नस्लों का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान शामिल हैं। दूसरी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (डीसीएस), दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी) और डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को पुरस्कार दिया जाएगा। तीसरी श्रेणी सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) के लिए है।
इसके अलावा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में डेयरी विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रत्येक मुख्य श्रेणी में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के विजेताओं का चयन किया जाएगा।
कितनी मिलेगी पुरस्कार राशि और क्या होगा सम्मान?
सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान तथा सर्वश्रेष्ठ डीसीएस, एफपीओ और एमपीसी श्रेणी में विजेताओं को प्रशस्ति प्रमाणपत्र, स्मृति चिह्न और नकद पुरस्कार दिया जाएगा। प्रथम स्थान हासिल करने वाले को 5 लाख रुपये, द्वितीय स्थान के विजेता को 3 लाख रुपये और तृतीय स्थान हासिल करने वाले को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों के लिए रखे गए विशेष पुरस्कार के तहत विजेता को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन की श्रेणी में नकद पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। इस श्रेणी के विजेता को केवल प्रशस्ति प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा।
कब और कहाँ करना होगा आवेदन?
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के ज़रिये ऑनलाइन किए जा सकेंगे। आवेदन की प्रक्रिया 10 अगस्त 2026 से शुरू होगी और 10 सितंबर 2026 तक चलेगी। पुरस्कारों की घोषणा और वितरण राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर 26 नवंबर 2026 को किया जाएगा। पात्रता की शर्तों और पुरस्कार से जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल awards.gov.in और पशुपालन एवं डेयरी विभाग की वेबसाइट dahd.nic.in पर देखे जा सकते हैं।