बिहार के युवाओं के लिए रोज़गार की नई राह, कुशल युवा कार्यक्रम का होगा विस्तार
बिहार के युवाओं को रोज़गार से जोड़ने और उन्हें बदलते समय के हिसाब से तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि ‘सात निश्चय-3’ के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 430.08 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक़, इस कार्यक्रम के ज़रिए युवाओं को ऐसे कौशल सिखाए जाएँगे, जिनकी आज के रोज़गार बाज़ार में मांग बढ़ रही है। इसमें एआई, ड्रोन, सौर ऊर्जा, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। युवाओं को सिर्फ़ नौकरी की तलाश करने के बजाय अपने कौशल के आधार पर रोज़गार के नए विकल्प तलाशने के लिए भी तैयार किया जाएगा।
हर साल 2.57 लाख से अधिक युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
कुशल युवा कार्यक्रम के विस्तार के बाद हर साल 2.57 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को अपने हुनर को निखारने का अवसर मिलेगा। खासकर उन युवाओं के लिए यह कार्यक्रम उपयोगी हो सकता है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद रोज़गार की तलाश में हैं, लेकिन उनके पास बाज़ार की मांग के मुताबिक़ कौशल नहीं है। आज नौकरी के क्षेत्र में केवल डिग्री होना ही पर्याप्त नहीं रह गया है। कंपनियाँ ऐसे युवाओं की तलाश करती हैं, जिन्हें तकनीक के साथ काम करने की समझ हो और जो बदलती ज़रूरतों के अनुसार खुद को ढाल सकें। ऐसे में कौशल आधारित प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोज़गार की राह आसान कर सकता है।
6,436 रोज़गार के अवसर पैदा होने का दावा
सम्राट चौधरी के साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से 6,436 रोज़गार के अवसर सीधे तौर पर पैदा होंगे। इसके अलावा प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं के लिए निजी क्षेत्र, स्वरोज़गार और उद्यमिता के रास्ते भी खुल सकते हैं। एआई और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए अब बड़े शहर में रहना ही ज़रूरी नहीं है। इंटरनेट और डिजिटल साधनों के ज़रिए छोटे शहरों और कस्बों से भी युवा कई तरह के काम कर रहे हैं। इसी तरह ड्रोन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्र भी आने वाले समय में रोज़गार की नई संभावनाएँ पैदा कर सकते हैं।
युवाओं को अपनी पसंद का कौशल सीखने का मौका
इस कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों के कौशल को शामिल किया गया है। किसी युवा की रुचि तकनीक में है तो वह एआई, ड्रोन या नेटवर्किंग से जुड़ा प्रशिक्षण ले सकता है। वहीं, बैंकिंग, डिजिटल मार्केटिंग, विदेशी भाषा या उद्यमिता में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए भी विकल्प मौजूद होंगे। इस तरह का प्रशिक्षण युवाओं को अपनी रुचि और स्थानीय ज़रूरत के हिसाब से आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए यह अवसर और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही प्रशिक्षण मिलने पर वे अपने क्षेत्र में रहकर भी रोज़गार या अपना काम शुरू कर सकते हैं।
कुशल युवा कार्यक्रम का विस्तार बिहार में युवाओं को बदलती अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने की दिशा में एक कदम है। अब इसकी असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशिक्षण युवाओं तक कितनी आसानी से पहुँचता है और प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोज़गार या अपना काम शुरू करने के कितने अवसर मिलते हैं।