MP Wheat Procurement: किसानों की सुविधा के लिए बढ़ाई स्लॉट बुकिंग की तारीख, जानें क्या है नई तारीख़
Wheat Procurement Deadline Extended 2026: राज्य सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक अहम निर्णय लिया है। समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने वाले किसानों के लिए उपार्जन और स्लॉट बुकिंग की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। पहले यह अंतिम तिथि 09 मई 2026 तय की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दिया गया है। यह फैसला खासतौर पर उन किसानों के लिए राहत भरा साबित होगा, जो मौसम, परिवहन या अन्य कारणों से समय पर अपनी उपज मंडियों तक नहीं पहुंचा पाए थे। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
स्लॉट बुकिंग में दी गई अतिरिक्त सुविधा
नई व्यवस्था के तहत स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया को और अधिक सरल और किसान-हितैषी बनाया गया है। किसान अब अपनी सुविधा के अनुसार समय चुनकर उपार्जन केंद्रों पर गेहूं बेच सकते हैं। इसके अलावा, सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और उपार्जन कार्य जारी रहेगा। इससे उपार्जन केंद्रों पर भीड़ का दबाव कम होगा और किसानों को लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह कदम पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपार्जन केंद्रों की क्षमता और व्यवस्थाओं में सुधार
सरकार ने उपार्जन केंद्रों की क्षमता और सुविधाओं को भी बढ़ाने पर जोर दिया है। अब प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर प्रतिदिन 2250 क्विंटल तक गेहूं खरीदा जा सकेगा, जिससे अधिक किसानों की फसल कम समय में खरीदी जा सकेगी। साथ ही, प्रत्येक केंद्र पर न्यूनतम 6 तौल कांटों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिसे पहले 4 रखा गया था। इससे तौल प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों का समय बचेगा। इसके अलावा, केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे छाया, पेयजल और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासनिक निगरानी को किया गया मजबूत
उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर एक प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो पूरे कार्य की निगरानी करेंगे। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि उपार्जन कार्य बिना किसी बाधा के चलता रहे और किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो। साथ ही, जिलों को आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की छूट भी दी गई है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सरकार का यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। समय सीमा बढ़ने से अधिक किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा, जिससे वे समर्थन मूल्य का पूरा लाभ उठा सकेंगे। बेहतर व्यवस्थाएं और निगरानी तंत्र किसानों के भरोसे को मजबूत करेंगी और उपार्जन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएंगी।