Sugarcane Farming: हरियाणा में चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करने वाले किसानों को अब मिलेंगे 5000 रुपए
हरियाणा सरकार ने गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब जो किसान 4 फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ने की बुवाई करेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से ₹5,000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पहले यह राशि ₹3,000 प्रति एकड़ थी। यह फैसला राज्य सरकार के ‘गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन’ के तहत लिया गया है। इसकी जानकारी हरियाणा के कृषि मंत्री Shyam Singh Rana ने विभागीय बैठक के बाद दी।
पहले से ₹2,000 ज्यादा मिलेगा फायदा
सरकार ने इस बार किसानों को सीधा आर्थिक लाभ बढ़ाया है। पहले चौड़ी कतारों में गन्ना लगाने वाले किसानों को ₹3,000 प्रति एकड़ सहायता मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर ₹5,000 कर दिया गया है। यह घोषणा हरियाणा बजट 2026-27 में भी की गई थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
चौड़ी कतारों में बुवाई से क्या होगा फायदा?
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक 4 फीट की दूरी पर गन्ना लगाने से फसल में हवा और धूप बेहतर तरीके से पहुंचती है। इससे पौधों की बढ़वार अच्छी होती है और रोगों का खतरा कम होता है। साथ ही खेत में मशीनों का इस्तेमाल आसान हो जाता है, जिससे मजदूरी लागत घट सकती है।
सिंगल बड तकनीक पर भी मिलेगा ₹5,000
सरकार ने सिर्फ चौड़ी कतारों की बुवाई ही नहीं, बल्कि सिंगल-आई बड (एकल आंख विधि) से गन्ना लगाने वाले किसानों के लिए भी प्रोत्साहन राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति एकड़ कर दी है। सरकार का दावा है कि इससे बीज की बचत होगी और उत्पादन बढ़ेगा।
मुफ्त मिलेंगे टिश्यू कल्चर पौधे
राज्य सरकार ने यह भी ऐलान किया है कि गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को टिश्यू कल्चर से तैयार पौधे मुफ्त दिए जाएंगे। ये पौधे Karnal Cooperative Sugar Mill के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच इन पौधों को प्राप्त कर सकेंगे।
हार्वेस्टर मशीन से कटाई होगी आसान
गन्ने की कटाई में बढ़ती मजदूरी लागत को कम करने के लिए राज्य की हर सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध कराएगी। इससे कटाई तेज होगी और किसानों का खर्च कम होगा।
कब और कैसे करें आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सरकारी पोर्टल पर आवेदन करना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक किसान 15 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद भौतिक सत्यापन होगा और फरवरी 2027 तक किसानों को राशि जारी की जाएगी।
सरकार का क्या लक्ष्य है?
हरियाणा सरकार चाहती है कि किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, उत्पादन बढ़ाएं और लागत कम करें। सरकार का मानना है कि नई तकनीकों और आर्थिक प्रोत्साहन से गन्ना किसानों की आय में सुधार होगा।