यूपी के किसानों को आधी कीमत पर मिलेंगे गेहूँ-चना समेत इन रबी फसलों के बीज, ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू
अच्छी फसल की शुरुआत हमेशा बेहतर बीज से होती है। समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिल जाए तो किसानों की लागत भी कम होती है और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद भी मज़बूत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में रबी सीज़न 2026-27 की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। किसानों के लिए विभिन्न फसलों के बीज अनुदान पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने रबी 2026-27 की फसलों के लिए निःशुल्क बीज मिनीकिट और सामान्य बीज वितरण कार्यक्रम के तहत किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराने की घोषणा की है। विभाग ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट और कृषि विभाग के पोर्टल पर इसकी जानकारी साझा करते हुए किसानों से समय रहते ऑनलाइन बुकिंग कराने की अपील की है।
गेहूँ, चना, सरसों समेत कई फसलों के बीज पर मिलेगा 50% अनुदान
कृषि विभाग ने बताया है कि किसान गेहूँ, चना, मटर, मसूर, जौ, सरसों, अलसी समेत रबी की विभिन्न फसलों के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरण कार्यक्रम का भी लाभ दिया जाएगा। बीजों की ऑनलाइन बुकिंग कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल agridarshan. up. gov. in पर शुरू हो चुकी है। विभाग ने अलग-अलग फसलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथियाँ भी तय की हैं।
तोरिया फसल के लिए ऑनलाइन बुकिंग 2 जुलाई 2026 से शुरू होकर 16 अगस्त 2026 तक चलेगी। वहीं दलहन एवं तिलहन फसलों के लिए आवेदन 10 जुलाई 2026 से 10 सितंबर 2026 तक किए जा सकेंगे। गेहूँ और अन्य फसलों के लिए ऑनलाइन बुकिंग 10 जुलाई 2026 से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी।
ऑनलाइन बुकिंग के बाद मिलेगा बीज, किसान समय सीमा का रखें ध्यान
कृषि विभाग ने किसानों से अपने नज़दीकी गाँव या न्याय पंचायत के अन्य किसानों को भी इस योजना की जानकारी देने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद बीज का वितरण विभाग की व्यवस्था और उपलब्धता के अनुसार किया जाएगा। किसानों को निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन बुकिंग पूरी करनी होगी। यदि किसी कारणवश बुकिंग के बाद बीज प्राप्त नहीं हो पाता है, तो जमा की गई धनराशि किसानों के खाते में वापस कर दी जाएगी।
कृषि विभाग ने कहा है कि रबी सीज़न की बुवाई से पहले किसान तय समय के भीतर आवेदन कर अनुदान पर बीज और निःशुल्क बीज मिनीकिट योजना का लाभ उठा सकते हैं।