क्या बदल रही है भारतीयों की खानपान की आदत? हेल्दी स्नैक्स की बढ़ती माँग किसानों के लिए भी खोल सकती है नए अवसर
भारतीयों की खानपान की आदतों में तेजी से बदलाव दिखाई दे रहा है। अब लोग सिर्फ़ स्वाद या आकर्षक विज्ञापन देखकर स्नैक्स नहीं खरीद रहे, बल्कि यह भी जानना चाहते हैं कि वे जो खा रहे हैं, उसमें क्या-क्या सामग्री है, वह कितनी पौष्टिक है और उसका स्रोत क्या है। Farmley Healthy Snacking Report 2026 में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता अब लोगों की खरीदारी के फैसलों को भी प्रभावित कर रही है। यह रिपोर्ट देशभर के 6,000 से अधिक उपभोक्ताओं पर किए गए सर्वे पर आधारित है।
पैकेट पर लिखी सामग्री बन रही है सबसे बड़ा भरोसा
रिपोर्ट के अनुसार, 62% लोगों ने कहा कि स्नैक खरीदते समय उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात पैकेट पर लिखी सामग्री (Ingredients) की स्पष्ट जानकारी है। यानी लोग अब यह जानना चाहते हैं कि उत्पाद में कौन-कौन से अवयव इस्तेमाल किए गए हैं, उसमें कितना प्रोटीन, चीनी, नमक और वसा है, साथ ही उसमें कृत्रिम रंग, फ्लेवर या प्रिज़र्वेटिव तो नहीं मिलाए गए हैं। रिपोर्ट बताती है कि उपभोक्ताओं के लिए अब सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की सिफारिश से अधिक भरोसेमंद वह ब्रांड है, जो अपने उत्पाद की सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी पारदर्शी तरीके से साझा करता है।
प्रोटीन-युक्त स्नैक्स की माँग बढ़ रही है
सर्वे में 86% लोगों ने कहा कि वे स्नैक चुनते समय उसमें मौजूद प्रोटीन पर ध्यान देते हैं। वहीं 32% उपभोक्ता ऐसे स्नैक्स के लिए अधिक कीमत चुकाने को भी तैयार हैं, जिनमें प्रोटीन अधिक हो। इससे यह संकेत मिलता है कि भारतीय उपभोक्ता अब केवल स्वाद नहीं, बल्कि पोषण को भी महत्व दे रहे हैं।
प्राकृतिक मिठास वाले उत्पादों की बढ़ी पसंद
रिपोर्ट के मुताबिक, 61% लोगों ने कहा कि वे ऐसे स्नैक्स पसंद करते हैं, जिनमें रिफाइंड चीनी की जगह गुड़ या खजूर जैसी प्राकृतिक मिठास का इस्तेमाल किया गया हो। यह बदलाव बताता है कि उपभोक्ता कम प्रसंस्कृत और अधिक प्राकृतिक खाद्य विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
बच्चों के लिए पौष्टिक स्नैक्स पर भी ज़ोर
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि करीब 60% माता-पिता बच्चों के लिए अधिक पौष्टिक स्नैक्स खरीदने पर अतिरिक्त खर्च करने को तैयार हैं। इससे स्पष्ट है कि परिवारों में भी स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। बदलती उपभोक्ता पसंद का असर कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर भी पड़ सकता है।
यदि हेल्दी स्नैक्स की मांग लगातार बढ़ती है, तो बाजरा, दालें, मूंगफली, गुड़, खजूर और मेवों जैसी कृषि उपज की मांग में भी वृद्धि हो सकती है। इन उत्पादों का उपयोग प्रोटीन-युक्त और प्राकृतिक स्नैक्स बनाने में बढ़ रहा है। इससे किसानों को सीधे लाभ तभी मिलेगा, जब उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), मूल्य संवर्धन (Value Addition) और बेहतर बाज़ार से जोड़ा जाए। केवल उपभोक्ता मांग बढ़ने से किसानों की आय स्वतः नहीं बढ़ेगी।
भारत में हेल्दी स्नैक्स का बढ़ता बाज़ार
भारत में शहरीकरण, बदलती जीवनशैली, फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता और ई-कॉमर्स व क्विक कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के विस्तार के कारण हेल्दी स्नैक्स का बाज़ार तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता अब ऐसे उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनमें:
- अधिक प्रोटीन हो,
- प्राकृतिक मिठास का इस्तेमाल हो,
- सामग्री की पूरी जानकारी दी गई हो,
- रासायनिक चीज़ें कम हों।