अगले एक हफ्ते यूपी में बढ़ेगी गर्मी औऱ लू! किसानों के लिए UP कृषि अनुसंधान परिषद ने जारी की एडवाइजरी
उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक तेज गर्मी और लू किसानों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 29 मई से 4 जून 2026 के बीच राज्य के कई कृषि जलवायु क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। खासतौर पर पश्चिमी यूपी, बुंदेलखंड, तराई और मध्य यूपी के कई हिस्सों में लू और गर्म रातों का असर देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को खेत, पशुओं और जल प्रबंधन को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अगले सप्ताह कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मैदान, उत्तर-पूर्वी मैदान और तराई क्षेत्रों में औसत साप्ताहिक अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। वहीं बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
दक्षिण-पश्चिमी अर्द्धशुष्क क्षेत्र के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है, जिससे रात में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
किन क्षेत्रों में लू का ज्यादा असर?
UPCAR के अनुसार जून के पहले सप्ताह में प्रदेश के कई कृषि जलवायु क्षेत्रों में लू और “गर्म रातें” पड़ने की आशंका है। दूसरे सप्ताह तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में यह असर और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज गर्म हवाएं फसलों में नमी कम कर सकती हैं और पशुओं पर भी असर डाल सकती हैं।
किसानों को क्या-क्या सावधानियां बरतने की सलाह?
खेतों में नमी बनाए रखें- किसानों को सलाह दी गई है कि तेज गर्मी और लू को देखते हुए खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखें। जरूरत पड़ने पर हल्की सिंचाई करें ताकि फसलों पर गर्मी का असर कम हो।
गेहूं की नरवाई न जलाएं- खेतों में बची फसल अवशेष (नरवाई) जलाने से बचने को कहा गया है। इससे मिट्टी के लाभकारी जीवाणु नष्ट होते हैं और आग लगने का खतरा बढ़ता है।
पशुओं को धूप से बचाएं- पशुओं को छायादार स्थान पर रखने, पर्याप्त पानी पिलाने और दोपहर के समय बाहर न निकालने की सलाह दी गई है। पशुओं के चारे में खनिज मिश्रण और नमक मिलाने को भी कहा गया है।
पशुओं का टीकाकरण जरूरी- राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी गई है। इसके लिए किसान अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क कर सकते हैं।
तालाबों में पानी का स्तर बनाए रखें- मछली पालकों को सलाह दी गई है कि गर्मी को देखते हुए तालाबों में कम से कम 1.5 मीटर जल स्तर बनाए रखें, ताकि मछलियों पर गर्मी का असर न पड़े।
धान की नर्सरी के लिए क्या सलाह?
कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह समय धान की नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त है। किसानों को 30 किलोग्राम महीन दाने वाली, 40 किलोग्राम मोटे दाने वाली और 12-15 किलोग्राम संकर धान बीज प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करने की सलाह दी गई है। उपयुक्त भूमि के लिए एनडीआर-97, एनडीआर-118, एमटीयू-1010, सीओ-51, शुक्ल सम्राट और सहभगी जैसी किस्मों की सिफारिश की गई है।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
परिषद के मुताबिक आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। किसानों को नियमित मौसम अपडेट देखते रहने और मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करने को कहा गया है।