Heat Stress in Cattle: बढ़ती गर्मी में दूध उत्पादन में 30% तक गिरावट का खतरा, गाय-भैंस बचाने के लिए तुरंत अपनाएं ये उपाय
देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। भीषण गर्मी और लू का असर अब इंसानों के साथ-साथ पशुधन पर भी दिखने लगा है। विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादा गर्मी में गाय और भैंसों पर हीट स्ट्रेस बढ़ जाता है, जिससे दूध उत्पादन में 20 से 30 फीसदी तक कमी आ सकती है। गर्म मौसम में पशु कम चारा खाते हैं, ज्यादा पानी पीते हैं और कमजोर पड़ने लगते हैं।
क्यों घटता है दूध उत्पादन?
जब तापमान बहुत ज्यादा हो जाता है, तो पशुओं के शरीर का सामान्य तापमान बिगड़ने लगता है। इससे उनकी भूख कम हो जाती है और ऊर्जा शरीर को ठंडा रखने में खर्च होती है। नतीजा यह होता है कि दूध देने की क्षमता घट जाती है।
गर्मी में पशुओं में ये समस्याएं बढ़ सकती हैं:
- चारा कम खाना
- ज्यादा हांफना और बेचैनी
- पानी की जरूरत बढ़ना
- दूध की मात्रा कम होना
- प्रजनन क्षमता प्रभावित होना
गाय-भैंस को गर्मी से बचाने के तुरंत उपाय
1. छांव और ठंडी जगह का इंतजाम करें- पशुओं को खुले धूप वाले स्थान पर न बांधें। शेड, पेड़ या टीन शेड के नीचे रखें। शेड की छत पर फूस, घास या सफेद पेंट करने से गर्मी कम होती है।
2. दिन में कई बार साफ पानी दें- गर्मी में पशु ज्यादा पानी पीते हैं। हर समय साफ और ठंडा पानी उपलब्ध रखें। पानी की कमी से दूध तुरंत कम हो सकता है।
3. सुबह-शाम हरा चारा दें- दोपहर की गर्मी में चारा कम खिलाएं। सुबह जल्दी और शाम को पौष्टिक चारा दें। हरा चारा, भूसा और मिनरल मिक्स जरूर शामिल करें।
4. नहलाएं या पानी का छिड़काव करें- गाय-भैंस के शरीर पर दिन में 2 से 3 बार पानी डालें या स्प्रे करें। इससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है।
5. पंखा और वेंटिलेशन जरूरी- यदि डेयरी फार्म है तो पंखा, कूलर या हवा निकासी की व्यवस्था करें। बंद और घुटन वाली जगह पशुओं के लिए नुकसानदायक है।
6. मिनरल मिक्स और नमक दें- गर्मी में शरीर से लवण और खनिज निकलते हैं। इसलिए पशु चिकित्सक की सलाह से मिनरल मिक्सचर और नमक दें।
हीट स्ट्रेस के संकेत पहचानें
अगर पशु में ये लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हो जाएं:
- मुंह खोलकर सांस लेना
- जीभ बाहर निकालना
- बार-बार उठना-बैठना
- खाना छोड़ देना
- दूध अचानक कम होना
- सुस्ती या कमजोरी
कब बुलाएं डॉक्टर?
यदि पशु तेज बुखार, कमजोरी, दस्त, दूध बंद होना या लगातार बेचैनी दिखाए तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
किसान क्या करें?
जो किसान डेयरी व्यवसाय करते हैं, उन्हें अप्रैल से जून तक खास सावधानी रखनी चाहिए। थोड़ी तैयारी करके दूध उत्पादन में होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। भीषण गर्मी डेयरी किसानों के लिए चुनौती बन सकती है। समय रहते छांव, पानी, पौष्टिक चारा और ठंडक की व्यवस्था कर दी जाए तो दूध उत्पादन में गिरावट को काफी हद तक रोका जा सकता है।