पहाड़ से मैदान तक आफ़त की बारिश: 19 जुलाई से उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में भारी मानसून का अलर्ट
खेती-किसानी के लिए राहत बनकर आया मानसून अब देश के कई हिस्सों में आफ़त बनने जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 जुलाई से देश के एक बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश के चलते भूस्खलन का ख़तरा बढ़ गया है, वहीं मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। अगर आप अगले कुछ दिनों में कहीं बाहर निकलने या यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम का मिज़ाज देखकर ही घर से बाहर क़दम बढ़ाएं।
पहाड़ों पर जाने से बचें, उत्तर भारत में मानसून पकड़ेगा रफ़्तार
मौसम विभाग के मुताबिक़, उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर पूरी रफ़्तार पकड़ने वाला है। पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 19 से 23 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में भी 19 से 21 जुलाई के बीच ज़बरदस्त बारिश होने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि इस दौरान पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने से पूरी तरह बचें, क्योंकि तेज़ बारिश से रास्ते बंद होने और चट्टानें खिसकने का डर रहता है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में 'अत्यंत भारी बारिश' की चेतावनी
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी हालात चिंताजनक हो सकते हैं। 19 जुलाई को सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 'एक्सट्रीमली हैवी रेनफॉल' यानी अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा असम, मेघालय और बिहार में भी 19 और 20 जुलाई को मूसलाधार बारिश का क़हर देखने को मिल सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले किसानों को फ़सलों को लेकर सतर्क रहने की ज़रूरत है।
मध्य औरदक्षिण भारत में तूफ़ानी हवाओं का अलर्ट
मध्य भारत के हिस्से, ख़ासकर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में 19 से 21 जुलाई के बीच भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, दक्षिण भारत के तेलंगाना में 19 से 23 जुलाई के बीच मौसम का मिज़ाज तल्ख़ रहेगा। यहाँ गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तूफ़ानी हवाएं चल सकती हैं, जिससे फ़सलों को नुक़सान होने का अंदेशा है।
मछुआरों के लिए रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने सबसे बड़ी चेतावनी मछुआरों के लिए जारी की है। 19 से 21 जुलाई के बीच अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समंदर बेहद अशांत रहेगा। तेज़ मानसूनी हवाओं के कारण ऊंची लहरें उठने की आशंका है, इसलिए ओमान कोस्ट और तमिलनाडु कोस्ट के आस-पास के समुद्री इलाकों में मछुआरों को न जाने की सख़्त हिदायत दी गई है।