यूपी, बिहार समेत इन राज्यों में अगले 5-6 दिन बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट, 80 की रफ़्तार से चलेंगी हवाएँ
देशभर में मानसून अब तेज़ी से सक्रिय हो रहा है और इसका असर उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत के कई राज्यों में दिखाई देने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार (3 जुलाई) को बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज़ हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले पाँच से छह दिनों तक देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मानसून आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनी हुई हैं। कई इलाकों में 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों, ऊँचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
बिहार और उत्तर प्रदेश में बारिश, तेज़ हवा और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार बिहार के कई ज़िलों में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज़ हवाएँ चल सकती हैं। भोजपुर, कैमूर, बक्सर, जमुई, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, खगड़िया और मुंगेर में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से हवाएँ चलने की संभावना है। वहीं पटना, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, औरंगाबाद, भभुआ (कैमूर) और रोहतास के लिए येलो वॉच जारी की गई है। इन इलाकों में अगले कुछ घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पटना, समस्तीपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी और वैशाली के लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया है। राज्य के 45 ज़िलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है और अगले चार से पाँच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। गाज़ीपुर, कन्नौज, वाराणसी, चंदौली, मिर्ज़ापुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। वहीं रामपुर, बरेली, संभल, मुरादाबाद, अमरोहा और झाँसी में भारी बारिश हो सकती है। अगले 48 घंटों में कई इलाकों में तेज़ आँधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
बीते दिनों उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से कई ज़िलों में जान-माल का नुकसान हुआ है। सुल्तानपुर में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि धान की रोपाई कर रहे आठ लोग झुलस गए। वहीं बलिया में अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
राजस्थान में 8 जुलाई तक तेज़ होगी बारिश, पंजाब-हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी सक्रिय होगा मानसून
राजस्थान के कई ज़िलों में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और अलवर में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएँ चल सकती हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में धूलभरी आँधी भी चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 4 से 8 जुलाई के बीच राज्य में बारिश की गतिविधियाँ और तेज़ होंगी तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनी हुई हैं। अगले कुछ दिनों में इन राज्यों में भी बारिश की गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं। कई स्थानों पर तेज़ हवाएँ चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट, यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह
उत्तराखंड में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने नैनीताल और बागेश्वर ज़िलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग ने कहा है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही सफ़र करें। वहीं सभी राज्यों के लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा बिजली गिरने की आशंका के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है।