Weather Update: यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, किसानों के लिए भी अहम सलाह
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर तेज़ बौछारें पड़ने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है और उमस से लोगों को राहत मिली है।
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण कई इलाक़ों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कुछ क्षेत्रों में तेज़ बारिश के चलते जलभराव, निचले इलाक़ों में पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, यह बारिश खरीफ़ फ़सलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है, हालाँकि अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है।
प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा मौसम
IMD के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार लखनऊ में सुबह का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आर्द्रता 97% रही। प्रयागराज में 30 डिग्री सेल्सियस, बहराइच में 30 डिग्री सेल्सियस, बरेली में 31 डिग्री सेल्सियस, फ़ुर्सतगंज में 30.4 डिग्री सेल्सियस, गोरखपुर में 32 डिग्री सेल्सियस, झाँसी में 28.4 डिग्री सेल्सियस, मेरठ में 29.2 डिग्री सेल्सियस और लखनऊ एयरपोर्ट क्षेत्र में 27 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन शहरों में आर्द्रता का स्तर भी काफ़ी अधिक रहा, जिसके कारण बीच-बीच में बारिश और बादलों की आवाजाही बनी हुई है।
किन राज्यों में बारिश का असर अधिक रहेगा
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। पूर्वी और तराई क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज़ बौछारें पड़ सकती हैं। बिहार में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। राज्य के उत्तरी और मध्य भागों में कई स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है। झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई ज़िलों में मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे धान और अन्य खरीफ़ फ़सलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधियाँ तेज़ रह सकती हैं। वहीं, राजस्थान के पूर्वी इलाक़ों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज़ वर्षा होने की संभावना है। हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुककर बारिश हो सकती है, जिससे तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियाँ बन सकती हैं। मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
किसानों के लिए क्या है सलाह
बारिश का यह दौर धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर और अन्य खरीफ़ फ़सलों के लिए फ़ायदेमंद माना जा रहा है। हालाँकि जिन खेतों में पानी भरने की आशंका है, वहाँ जल निकासी की उचित व्यवस्था करना ज़रूरी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान मौसम साफ़ होने पर ही उर्वरकों और कीटनाशकों का छिड़काव करें। गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी के दौरान खेतों में काम करने से बचें तथा कृषि यंत्रों और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें और वाहन सावधानीपूर्वक चलाएँ। गरज-चमक के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनियों पर नज़र रखें, क्योंकि मौसम में अचानक बदलाव की संभावना बनी रह सकती है।