Weather Update: कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर प्रदेश में 7 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मानसून, 2 दिन तक कई राज्यों में तेज़ बारिश की संभावना
अगस्त की शुरुआत के साथ ही देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 अगस्त को उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के कई राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाएँ चलने का भी अनुमान जताया गया है।
उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियाँ तेज़ बनी हुई हैं। IMD अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 अगस्त को गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है, जबकि 2 से 7 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 5 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है।
उत्तर प्रदेश में कब और कहाँ होगी बारिश?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 1 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। 2 अगस्त से बारिश का दायरा और बढ़ सकता है तथा कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में कार्य की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
लखनऊ और दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
लखनऊ में शनिवार को उमस के बीच रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। शहर में नमी का स्तर अधिक रहने के कारण गर्मी का एहसास बना रह सकता है, जबकि दिन में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर वर्षा होने का अनुमान है। वहीं दिल्ली में भी बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दोनों शहरों में लोगों को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
IMD के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, कोंकण और गोवा के कई हिस्सों में भी कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। कई स्थानों पर तेज़ हवाओं और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।
मानसून क्यों हुआ सक्रिय?
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से मानसूनी गतिविधियाँ तेज़ हुई हैं। यही प्रणाली उत्तर और मध्य भारत के साथ-साथ पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में भी वर्षा को बढ़ावा दे रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
किसानों के लिए क्या है सलाह?
लगातार बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए किसानों को मौसम विभाग की ताज़ा सलाह पर नज़र रखने की आवश्यकता है। खेतों में जलभराव होने पर निकासी की व्यवस्था करें और तेज़ बारिश या बिजली गिरने की स्थिति में खुले खेतों में काम करने से बचें। जिन क्षेत्रों में फसल तैयार है, वहाँ कटाई और भंडारण का कार्य मौसम को ध्यान में रखकर करें। पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज़ बारिश, बिजली चमकने और तेज़ हवा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करें। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।