Weather Update: 9 अगस्त तक उत्तर भारत में बारिश का दौर जारी, कई राज्यों में भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं का अलर्ट
उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 7 से 9 अगस्त के बीच उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाएँ चल सकती हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियाँ बन सकती हैं। ऐसे में लोगों के साथ-साथ किसानों को भी मौसम की ताज़ा चेतावनियों पर नज़र रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में अधिक बारिश के आसार
IMD के अनुसार, 9 अगस्त तक पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में रुक-रुककर तेज़ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का दौर भी देखने को मिल सकता है।
गरज-चमक और तेज़ हवाओं का भी रहेगा असर
बारिश के साथ कई क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें बाधित होने की आशंका जताई गई है। यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की जानकारी अवश्य लेने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए क्या है सलाह?
IMD ने किसानों को खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है। जहाँ भारी बारिश की संभावना हो, वहाँ फसलों में जलभराव न होने दें। गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान खेतों में काम करने से बचें तथा मौसम सामान्य होने के बाद ही कृषि कार्य करें। मौसम विभाग ने कहा है कि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जिन इलाकों में जलभराव या बाढ़ की आशंका हो, वहाँ अतिरिक्त सावधानी बरतना ज़रूरी है।