छात्रों के आगे झुकी हेमंत सोरेन सरकार, JSSC-CGL समेत TDPL भर्तियों पर बड़ा फैसला
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने जेएसएससी सीजीएल (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा के साथ-साथ टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। सोमवार (18 अगस्त )को प्रोजेक्ट भवन में हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद इसकी आधिकारिक घोषणा की। परीक्षाएं रद्द किए जाने की ख़बर सामने आते ही रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई। छात्र लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पारदर्शिता को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
टीडीपीएल की सभी परीक्षाएं होंगी रद्द
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि केवल जेएसएससी सीजीएल परीक्षा ही रद्द नहीं की जाएगी, बल्कि टीडीपीएल एजेंसी के ज़रिए आयोजित की गईं सभी भर्ती परीक्षाओं को निरस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वे भी इस फ़ैसले के दायरे में आएंगी। इसके साथ ही सीजीएल परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं की जांच भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे सभी युवा राज्य के नौजवान हैं और सरकार उनके हितों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा छात्रों के हित के पक्ष में रहे हैं।
परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों पर भी सवाल
भर्ती परीक्षाओं में सामने आई खामियों पर मुख्यमंत्री ने पूर्व में तय एसओपी के पालन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का सख़्ती से पालन किया जाता, तो इस तरह की गड़बड़ियों की गुंजाइश कम होती। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने परीक्षा में धांधली रोकने के लिए पहले ही कड़ा क़ानून बनाया है। अब परीक्षा व्यवस्था में और सुधार किए जाएंगे, ताकि भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सके।
जेएसएससी-जेपीएससी में सुधार के लिए बनेगी उच्चस्तरीय कमेटी
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए राज्य सरकार एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन करेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक़, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में बनने वाली यह कमेटी जेएसएससी और जेपीएससी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी। कमेटी प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था में ज़रूरी सुधारों को लेकर अपनी सिफ़ारिशें और दिशा-निर्देश देगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ रोकने और अभ्यर्थियों का भरोसा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।