हिमाचल बजट 2026-27: किसानों, मछुआरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर खास फोकस
kya Raha Himachal Budget mein Khass: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। मुख्यमंत्री ने बजट में कई तरह की घोषणाएँ जिसमें खेती -किसानी, मछली पालन, महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण से लेकरअदरक के MSP तय करना भी शामिल रहा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हिमाचल प्रदेश का बजट पेश करते हुए एक तरफ जहाँ आर्थिक चुनौतियों पर चिंता जताई, वहीं दूसरी ओर किसानों, मछुआरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं। इस बजट में आम लोगों और खेती-किसानी से जुड़े वर्ग को राहत देने पर खास जोर दिखा।
बजट की ख़ास बातें
बजट में मछुआरों, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं, जिनमें मछुआरा सहायता योजना के तहत मछली का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 100 रुपये करना, गाय और भैंस के दूध के क्रय मूल्य में 10-10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी, और पहली बार अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलो तय करना शामिल है। इसके अलावा, 25 करोड़ रुपये की लागत से नादौन में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क बनाने और 300 अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान भी किया गया है।
आरडीजी बंद होने से बढ़ी चिंता
मुख्यमंत्री ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने से प्रदेश को हर साल करीब 8,105 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। पहले 2020 से 2025 के बीच राज्य को लगभग 48 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जिससे विकास कार्यों में मदद मिलती थी। ऐसे में इस अनुदान का बंद होना पहाड़ी राज्य के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
किसानों और मछुआरों के लिए बड़ी घोषणाएं
बजट में किसानों और मछुआरों को राहत देने के लिए कई फैसले लिए गए हैं। मछुआरों के लिए मछली का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 100 रुपये तय किया गया है। अब गाय का दूध न्यूनतम खरीद मूल्य 51 रुपये प्रति लीटर के बजाय 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध न्यूनतम खरीद मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर की जगह 71 रुपये प्रति लीटर खरीदा जाएगा। यह निर्णय किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करेगा, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा पहली बार अदरक का MSP 30 रुपये प्रति किलो तय किया गया है, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
फसलों के MSP में बढ़ोतरी
राज्य सरकार ने कई फसलों के समर्थन मूल्य में भी इजाफा किया है। गेहूं का MSP 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्की का 40 से 50 रुपये, पाँगी घआटी के जौ का 60 से 80 रुपये और हल्दी का MSP 90 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने की कोशिश की गई है।
विकास कार्यों और नई योजनाओं पर जोर
बजट में नादौन में 25 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क बनाने का ऐलान किया गया है। साथ ही 300 अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि पुराने खाली पड़े भवनों का इस्तेमाल अब सरकारी और सामुदायिक कामों के लिए किया जाएगा।
आर्थिक स्थिति और विकास का अनुमान
मख्यमंत्री के अनुसार, 2025-26 में राज्य की विकास दर 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है और सकल राज्य घरेलू उत्पाद करीब 2.83 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि चुनौतियों के बावजूद हिमाचल विकास की राह पर आगे बढ़ता रहेगा।
किसानों के लिए नई पहल
सरकार ने राज्य किसान आयोग बनाने की घोषणा भी की है, जो किसानों की समस्याओं को सुनेगा और समाधान सुझाएगा। साथ ही गोबर खाद योजना और अन्य ग्रामीण योजनाओं के जरिए गाँव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
माताओं बहनों के लिए घोषणा
हिमाचल प्रदेश में अति गरीब परिवारों की एक लाख महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी। इस पहल से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी, उनके जीवन-स्तर में सुधार होगा और वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार एवं समाज में अपनी भूमिका को और सशक्त बना सकेंगी।