फसल में कीट दिखे तो बस फोटो खींचिए, ये AI चैटबॉट बताएगा कौन-सा है कीड़ा और कैसे होगा काबू
खेती में फसल पर अचानक कीट लग जाए तो किसान के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी सही पहचान करने और समय पर नियंत्रण का उपाय चुनने की होती है। कई बार सही जानकारी के लिए अलग-अलग जगहों पर संपर्क करना पड़ता है। अब ऐसी जानकारी के लिए किसानों को एक ही डिजिटल मंच पर कई सुविधाएँ मिल सकेंगी। केंद्र सरकार की पहल ‘भारतविस्तार’ (BharatVistaar) को कृषि के लिए राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के तौर पर विकसित किया गया है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से मौसम, मंडी भाव, फसल, कीट-रोग, मिट्टी और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
भारतविस्तार की एक अहम सुविधा यह है कि किसान फसल पर दिखाई देने वाले कीट की तस्वीर चैटबॉट पर अपलोड कर उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं। इसके बाद किसान उस कीट के नियंत्रण और उपचार के उपायों के बारे में भी पूछ सकते हैं। कृषि मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘एग्रीकल्चर इंडिया’ के ज़रिए किसानों को इस सुविधा की जानकारी दी है। यानी खेत में कीट दिखाई देने पर किसान फोटो भेजकर उसकी पहचान और आगे के उपायों के बारे में शुरुआती जानकारी हासिल कर सकते हैं।
फोटो भेजिए, कीट पहचानिए और समाधान पूछिए
भारतविस्तार में फोटो के ज़रिए कीट की पहचान की सुविधा किसानों के लिए ख़ास तौर पर उपयोगी हो सकती है। किसान फसल पर दिखाई दे रहे कीट की तस्वीर चैटबॉट पर अपलोड कर सकते हैं और उसके बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
इसके बाद किसान उसी चैटबॉट से कीट के नियंत्रण और उपचार से जुड़े सवाल भी पूछ सकते हैं। इस तरह किसान के लिए प्रक्रिया आसान हो जाती है। फसल में कीट दिखा, उसकी तस्वीर ली, भारतविस्तार पर भेजी और उसके बारे में जानकारी हासिल की। हालाँकि, गंभीर प्रकोप या बड़े पैमाने पर फसल प्रभावित होने की स्थिति में स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेना भी ज़रूरी रहेगा।
एक जगह मिलेगी खेती से जुड़ी कई अहम जानकारी
भारतविस्तार को सिर्फ़ कीट पहचानने वाला चैटबॉट नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी अलग-अलग सेवाओं और सूचनाओं के लिए एक साझा डिजिटल मंच के रूप में तैयार किया गया है। मौजूदा व्यवस्था में मौसम, सरकारी योजनाओं, फसल बीमा, मृदा स्वास्थ्य और मंडी भाव जैसी जानकारी अलग-अलग वेबसाइटों और विभागीय कार्यालयों में उपलब्ध होती है। किसानों को कई बार योजना की पात्रता समझने, आवेदन की स्थिति देखने, लाभ की जानकारी लेने या शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग-अलग जगह जाना पड़ता है।
भारतविस्तार का उद्देश्य इन सेवाओं और जानकारियों को एक ही डिजिटल गेटवे पर उपलब्ध कराना है। इसे कृषि क्षेत्र के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिस तरह यूपीआई अलग-अलग बैंकों और भुगतान सेवाओं को एक व्यवस्था से जोड़ता है, उसी तरह भारतविस्तार कृषि से जुड़ी सूचनाओं और सेवाओं को एक मंच पर लाने की कोशिश है।
मौसम से मंडी भाव तक, किसानों को क्या-क्या मिलेगा?
भारतविस्तार में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) जैसे संस्थानों के प्रमाणिक डेटा को शामिल किया गया है। इसके ज़रिए किसानों को कई तरह की कृषि संबंधी जानकारी मिलने की व्यवस्था है।
इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं
- मौसम का पूर्वानुमान और मौसम से जुड़ी जानकारी
- मंडियों में उपलब्ध मौजूदा भाव
- फसल में लगने वाले कीट और बीमारियों से जुड़ी जानकारी
- फसल प्रबंधन से संबंधित सलाह
- मिट्टी और मृदा स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी
- सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी
- योजनाओं के लाभ और आवेदन की स्थिति
- शिकायत दर्ज करने की सुविधा
भारतविस्तार पर पीएम-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि अवसंरचना कोष और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी प्रमुख सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
साधारण फ़ोन से भी ले सकेंगे जानकारी
भारतविस्तार को वॉइस-फर्स्ट एआई प्रणाली के तौर पर विकसित किया गया है। इसका मतलब है कि सिर्फ़ स्मार्टफोन ही नहीं, बल्कि साधारण फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले किसान भी इसकी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। किसान 155261 पर कॉल करके अपनी स्थानीय भाषा में कृषि संबंधी सवाल पूछ सकते हैं। इसके अलावा चैटबॉट के ज़रिए टेक्स्ट के माध्यम से भी जानकारी लेने की सुविधा है।
भारतविस्तार में ‘भारती’ नाम की बोलने वाली एआई सहायक** किसानों के सवालों का आसान भाषा में जवाब देने के लिए तैयार की गई है। शुरुआती चरण में सेवा हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध है और आगे इसमें दूसरी भारतीय भाषाओं को भी जोड़े जाने की योजना है।
एंड्रॉयड और आईओएस पर भी उपलब्ध
भारतविस्तार अब एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है। किसान मोबाइल के ज़रिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा फोन कॉल और चैटबॉट के माध्यम से भी कृषि संबंधी जानकारी लेने की सुविधा दी गई है।
कुल मिलाकर, भारतविस्तार का उद्देश्य किसान को खेती से जुड़ी अलग-अलग जानकारी के लिए कई जगह भटकने के बजाय एक ही डिजिटल मंच पर मौसम, मंडी, फसल, कीट-रोग, मिट्टी और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना है। खास तौर पर कीट की तस्वीर भेजकर उसकी पहचान और नियंत्रण के उपाय पूछने जैसी सुविधा खेती में समय पर जानकारी हासिल करने में मदद कर सकती है।