IFFCO का अफ्रीका में बड़ा कदम! केन्या के साथ हुआ समझौता, नैनो उर्वरकों और आधुनिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
भारत की अग्रणी सहकारी संस्था भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) ने अंतरराष्ट्रीय कृषि क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था ने अफ्रीकी देश केन्या की एम्पावरिंग फार्मर्स फाउंडेशन (EFF) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य अफ्रीका में नैनो उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और टिकाऊ खेती के नए विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें। यह समझौता भारत और अफ्रीका के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
आज दुनिया भर में कृषि क्षेत्र जलवायु परिवर्तन, बढ़ती उत्पादन लागत और मिट्टी की उर्वरता में गिरावट जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में नैनो उर्वरकों जैसी आधुनिक तकनीकों को भविष्य की खेती का महत्वपूर्ण समाधान माना जा रहा है। IFFCO लंबे समय से किसानों तक वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल कृषि समाधान पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है। केन्या के साथ यह नई साझेदारी न केवल अफ्रीकी किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने में मदद करेगी, बल्कि भारत की कृषि विशेषज्ञता और नवाचार को वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी दिलाएगी।
नई दिल्ली में हुआ समझौता, दोनों संस्थाओं ने जताई प्रतिबद्धता
यह समझौता नई दिल्ली स्थित IFFCO सदन में आयोजित एक समारोह के दौरान संपन्न हुआ। कार्यक्रम में IFFCO के अध्यक्ष दिलीप संघानी, प्रबंध निदेशक डॉ. के. जे. पटेल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ETG समूह के अध्यक्ष महेशभाई पटेल ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। दोनों संस्थाओं ने किसानों के हित में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने और आपसी सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
केन्या और अफ्रीका में होंगे नैनो उर्वरकों के प्रदर्शन और फील्ड ट्रायल
समझौते के तहत केन्या सहित अफ्रीका के विभिन्न क्षेत्रों में IFFCO के नैनो उर्वरकों का प्रदर्शन (Demonstration) और फील्ड ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। इन परीक्षणों के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग, उनके लाभ और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही IFFCO के अन्य कृषि उत्पादों को भी किसानों तक पहुंचाने की योजना है, जिससे फसल उत्पादकता बढ़ाने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहायता मिलेगी।
भारत-अफ्रीका कृषि सहयोग को मिलेगी नई मजबूती
IFFCO का मानना है कि यह साझेदारी भारत और अफ्रीका के बीच कृषि सहयोग को और मजबूत बनाएगी। आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि समाधानों के प्रसार से किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, खेती की लागत कम होगी और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। संस्था का उद्देश्य केवल अपने उत्पादों का विस्तार करना नहीं, बल्कि अफ्रीकी किसानों को ऐसी तकनीक उपलब्ध कराना है जो भविष्य की टिकाऊ और लाभकारी खेती का आधार बन सके। इससे IFFCO की वैश्विक पहुंच भी बढ़ेगी और भारत की सहकारी कृषि मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।