भीषण गर्मी में लू लगने पर किस हेल्पवाइन नंबर पर करना होता है फोन? साथ ही जानें लू से किन लोगों को सबसे ज्यादा ख़तरा
देश के कई हिस्सों में लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने लोगों के लिए विशेष जन स्वास्थ्य सलाह जारी की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अंतर्गत आयुष वर्टिकल ने आयुष मंत्रालय के सहयोग से यह एडवाइजरी जारी की है। इसमें आम जनता, बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, श्रमिकों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय बताए गए हैं।
गर्मी से बचने के लिए क्या करें?
आयुष मंत्रालय ने लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है। मंत्रालय के अनुसार, दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए और हल्के सूती कपड़े पहनने चाहिए, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे। इसके अलावा मौसमी फलों और इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर पेय पदार्थों का सेवन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है, जिससे शरीर में पानी और जरूरी खनिजों की कमी न हो।
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
एडवाइजरी में बताया गया है कि अत्यधिक गर्मी और लू का असर कुछ लोगों पर ज्यादा गंभीर हो सकता है। इनमें शिशु, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, खुले में काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग या उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल हैं। ऐसे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और नियमित निगरानी में रहने की सलाह दी गई है।
कार्यस्थलों और सार्वजनिक आयोजनों के लिए निर्देश
आयुष मंत्रालय ने कार्यस्थलों, निर्माण स्थलों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इसमें छायादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था, नियमित जलपान अवकाश, गर्मी के अनुसार काम के समय में बदलाव और हीट स्ट्रेस के लक्षणों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही गई है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से श्रमिकों और प्रतिभागियों को भीषण गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है।
हीटस्ट्रोक के संकेतों को न करें नजरअंदाज
मंत्रालय ने लोगों को गर्मी से होने वाली बीमारियों के खतरनाक संकेतों के प्रति सतर्क रहने को कहा है। चक्कर आना, तेज सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, अत्यधिक शरीर का तापमान, निर्जलीकरण, दौरे पड़ना और बेहोशी जैसे लक्षण हीटस्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। आयुष मंत्रालय ने हीटस्ट्रोक को मेडिकल इमरजेंसी बताते हुए गंभीर स्थिति में तुरंत 108 या 102 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी है।
आयुष पद्धतियों से भी बचाव पर जोर
परामर्श में आयुर्वेद, योग, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों को भी शामिल किया गया है। आयुर्वेद विभाग ने मठ्ठा, नारियल पानी, नींबू आधारित पेय, निम्बुकफला पनाका, आम्र प्रपनाका और चिंचा पनाका जैसे पारंपरिक शीतल पेयों के सेवन की सलाह दी है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। वहीं योग विशेषज्ञों ने शीतली प्राणायाम और हल्के योग अभ्यास को गर्मी के तनाव को कम करने के लिए उपयोगी बताया है। यूनानी पद्धति में ठंडे पेय और हर्बल लेप की सलाह दी गई है, जबकि होम्योपैथी में एहतियाती उपायों पर जोर दिया गया है।
खानपान में शामिल करें ये चीजें
आयुष मंत्रालय ने गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने और हाइड्रेट रखने वाले खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने की सलाह दी है। इसमें खीरा, तरबूज, खरबूजा, नींबू, लौकी और टमाटर जैसी चीजें शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये खाद्य पदार्थ शरीर में पानी की कमी को दूर करने और गर्मी से राहत देने में मदद करते हैं।
मौसम विभाग की चेतावनियों पर रखें नजर
मंत्रालय ने नागरिकों से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी मौसम अपडेट और लू संबंधी चेतावनियों पर नियमित रूप से ध्यान देने की अपील की है। साथ ही लोगों को गर्मी के दौरान लापरवाही न बरतने और जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि लू और हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सके।