यूरोप की बढ़ती मांग से चमका भारतीय कॉफी कारोबार, दो महीने में 36% बढ़ा निर्यात, ₹4752 करोड़ के पार पहुंची कमाई
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में भारत के कॉफी निर्यात में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यूरोप के प्रमुख खरीदार देशों, खासकर इटली और जर्मनी में मांग बढ़ने से अप्रैल-मई के दौरान कॉफी निर्यात 20 प्रतिशत बढ़कर 503.77 मिलियन डॉलर से अधिक पहुंच गया।
निर्यात मात्रा में 36% की वृद्धि
कॉफी बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-मई 2026 के दौरान भारत ने 92,903 टन कॉफी का निर्यात किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 67,910 टन की तुलना में 36 प्रतिशत अधिक है। निर्यात मात्रा में यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कॉफी की मजबूत मांग को दर्शाती है।
रुपये में निर्यात मूल्य 33% बढ़ा
डॉलर के लिहाज से कॉफी निर्यात 503.77 मिलियन डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 418 मिलियन डॉलर था। वहीं रुपये के संदर्भ में निर्यात मूल्य 33 प्रतिशत बढ़कर 4,752 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 3,567.85 करोड़ रुपये था।
कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर
वैश्विक बाजार में कॉफी कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय निर्यातकों की प्रति टन प्राप्ति पर भी देखने को मिला। अप्रैल-मई के दौरान प्रति टन औसत प्राप्ति 5.16 लाख रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 5.25 लाख रुपये प्रति टन की तुलना में करीब 1.7 प्रतिशत कम है।
दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा कॉफी निर्यातक है भारत
भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक और पांचवां सबसे बड़ा कॉफी निर्यातक देश है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 4.05 लाख टन कॉफी का निर्यात किया था, जिसकी कुल कीमत 2.12 अरब डॉलर से अधिक रही। रुपये के हिसाब से यह निर्यात 18,809 करोड़ रुपये का था और प्रति टन औसत प्राप्ति 4.64 लाख रुपये रही थी।