PM मोदी का बड़ा ऐलान: इंडोनेशिया को 100 टन DWR-162 गेहूँ के बीज देगा भारत, दोनों देशों के बीच 20 बड़े फैसले

Gaon Connection | Jul 07, 2026, 18:56 IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले ‘डीडब्ल्यूआर-162’ गेहूँ के बीज देने की घोषणा की। दोनों देशों ने खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि और आधुनिक कृषि तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यात्रा के दौरान रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में 20 महत्वपूर्ण समझौते और घोषणाएँ भी हुईं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा देते हुए बड़ा ऐलान किया है। भारत इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले ‘डीडब्ल्यूआर-162’ (DWR-162) गेहूँ के बीज उपलब्ध कराएगा, ताकि वहाँ की खाद्य सुरक्षा को मज़बूती मिल सके। इस पहल के साथ भारत और इंडोनेशिया ने क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा को अधिक टिकाऊ और लचीला बनाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी जताई है। दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक सहयोग के ‘गोल्डन चैप्टर’ तक पहुँचाने का भी निर्णय लिया।



इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार विशेष रूप से विकसित भारतीय गेहूँ के बीज इंडोनेशिया को उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मिड-डे मील योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े अनुभवों और सफल मॉडलों को भी साझा किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत टिकाऊ कृषि, आधुनिक कृषि तकनीक और एग्रोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी इंडोनेशिया के साथ अपने अनुभव साझा करेगा। उनके अनुसार 21वीं सदी तकनीक की सदी है और दोनों देशों के युवा इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



कृषि सहयोग को मिलेगी नई रफ़्तार, खाद्य सुरक्षा पर रहेगा विशेष ज़ोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में विकसित उच्च गुणवत्ता वाले गेहूँ के बीज इंडोनेशिया की खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाएँगे। गौरतलब है कि उष्णकटिबंधीय जलवायु के कारण इंडोनेशिया में गेहूँ की खेती नहीं होती और वह अपनी ज़रूरतों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है। यही वजह है कि वह दुनिया के सबसे बड़े गेहूँ आयातक देशों में शामिल है।



दोनों देशों ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए। इसके तहत टिकाऊ खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि अनुसंधान और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। भारत का मानना है कि यह पहल न केवल इंडोनेशिया की खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करेगी, बल्कि क्षेत्रीय कृषि सहयोग को भी नई ऊँचाई देगी।



20 अहम समझौते और घोषणाएँ, रक्षा से अंतरिक्ष तक सहयोग होगा मज़बूत

इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दीर्घकालिक एवं टिकाऊ कृषि सहयोग की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले ‘डीडब्ल्यूआर-162’ गेहूँ के बीज की आपूर्ति भारत की ओर से इंडोनेशिया की प्राथमिक खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं को समर्थन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह व्यापक सहयोग का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य टिकाऊ और मज़बूत कृषि प्रणाली विकसित करना है।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 20 महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए। इनमें 14 समझौता ज्ञापन (एमओयू) और विभिन्न समझौते शामिल हैं, जबकि छह प्रमुख घोषणाएँ रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, कृषि, प्रौद्योगिकी और महत्त्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से संबंधित हैं। दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा आर्थिक, तकनीकी, सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई।

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