देश में पानी का संकट गहराया! आधे से ज्यादा जलाशयों का जल स्तर 40% से नीचे पहुंचा, क्या आने वाले दिनों में और बिगड़ेंगे हालात?
देश में बढ़ती गर्मी के बीच जल संकट गहराने के संकेत मिल रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत के 166 प्रमुख जलाशयों में से आधे से अधिक में जल स्तर उनकी क्षमता के 40 प्रतिशत से नीचे पहुंच गया है। कुल भंडारण भी गिरकर 39 प्रतिशत के आसपास आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
कुल जल भंडारण 40% से नीचे
सीडब्ल्यूसी की साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक 166 जलाशयों में कुल जल स्तर 183.565 अरब घन मीटर (BCM) क्षमता के मुकाबले 71.082 BCM यानी 38.72 प्रतिशत रह गया है। दक्षिण भारत में स्थिति और चिंताजनक है, जहां 47 जलाशयों में जल स्तर घटकर 28 प्रतिशत पर पहुंच गया है। तेलंगाना में सबसे कम 20.87 प्रतिशत, कर्नाटक में 24 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 39 प्रतिशत, तमिलनाडु में 37 प्रतिशत और केरल में 28 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है।
बंगाल और असम में हालात खराब
पूर्वी क्षेत्र के 27 जलाशयों में कुल भंडारण 34 प्रतिशत या 7.481 BCM रह गया है। पश्चिम बंगाल में जल स्तर सिर्फ 12 प्रतिशत और असम में 18.5 प्रतिशत तक गिर गया है, जिससे स्थिति नाजुक बनी हुई है। ओडिशा के बांध 33 प्रतिशत तक भरे हैं, जबकि झारखंड के जलाशय आधे खाली हैं। मेघालय और त्रिपुरा में जल स्तर क्रमशः 70 और 58 प्रतिशत है।
उत्तर और पश्चिम भारत में भी गिरावट
उत्तर भारत के 11 जलाशयों में जल स्तर 19.836 BCM क्षमता के मुकाबले 8.593 BCM यानी 43 प्रतिशत है। पंजाब में 68 प्रतिशत, हिमाचल में 36.6 प्रतिशत और राजस्थान में 48.3 प्रतिशत जल स्तर दर्ज किया गया है। वहीं पश्चिमी क्षेत्र के 53 जलाशयों में 38.094 BCM क्षमता के मुकाबले 17.187 BCM यानी 45 प्रतिशत पानी है। गुजरात में 51.8 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 39 प्रतिशत और गोवा में 41 प्रतिशत जल भंडारण है।
गर्मी से स्थिति और बिगड़ने की आशंका
मध्य क्षेत्र के 28 जलाशयों में 48.588 BCM क्षमता के मुकाबले 22.241 BCM यानी 45.7 प्रतिशत जल भंडारण है। छत्तीसगढ़ में 59 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 47 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 41 प्रतिशत और उत्तराखंड में 30 प्रतिशत जल स्तर दर्ज किया गया है। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 1 मार्च से 29 अप्रैल के बीच देश के एक तिहाई हिस्से में सामान्य से कम या बिल्कुल बारिश नहीं हुई है। हालांकि कुछ हिस्सों में प्री-मानसून बारिश शुरू हो गई है, लेकिन भीषण गर्मी और लू के चलते आने वाले दिनों में जलाशयों का स्तर और गिरने की आशंका जताई जा रही है।