अगस्त में भारत का सोयाबीन तेल आयात रिकॉर्ड 6.01 लाख टन, त्योहारों से पहले रिफाइनरों ने बढ़ाया स्टॉक
भारत में खाद्य तेलों की खरीद अगस्त में तेज़ हो गई। रिफाइनरों ने आने वाले त्योहारी सीज़न की मांग को देखते हुए पहले से ज्यादा स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया। रॉयटर्स के मुताबिक, अगस्त में भारत का सोयाबीन तेल आयात 6.01 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। इसी दौरान पाम ऑयल का आयात भी छह महीने के सबसे ऊँचे स्तर पर रहा। सोयाबीन तेल की अपेक्षाकृत सस्ती कीमत और काला सागर क्षेत्र से सूरजमुखी तेल की आपूर्ति में रुकावट ने भारत के खाद्य तेल आयात में इस बदलाव की बड़ी भूमिका निभाई।
रॉयटर्स के मुताबिक, दुनिया के सबसे बड़े वनस्पति तेल आयातक भारत की बढ़ी हुई खरीद से इंडोनेशिया, मलेशिया और अर्जेंटीना जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में जमा स्टॉक कम करने में मदद मिल सकती है। इससे वैश्विक बाजार में पाम ऑयल और सोयाबीन तेल की कीमतों को भी सहारा मिल सकता है। अगस्त में भारत का कुल खाद्य तेल आयात 4 फीसदी बढ़कर 15.4 लाख टन हो गया, जो 11 महीनों का सबसे ऊँचा स्तर है। हालाँकि, इन आँकड़ों में पड़ोसी नेपाल से जमीन के रास्ते आने वाला शुल्क-मुक्त आयात शामिल नहीं है।
अगस्त में सोयाबीन तेल आयात 21% बढ़कर रिकॉर्ड 6.01 लाख टन
व्यापारियों के औसत अनुमान के मुताबिक, अगस्त में भारत का पाम ऑयल आयात जुलाई के मुकाबले 7 फीसदी बढ़कर 7.8 लाख टन हो गया। वहीं, सोयाबीन तेल का आयात 21 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 6.01 लाख टन पर पहुँच गया। इसके उलट सूरजमुखी तेल का आयात 38 फीसदी घटकर 1.57 लाख टन रह गया, जो छह महीने का सबसे निचला स्तर है। पाम ऑयल और सोयाबीन तेल की ज्यादा खरीद के चलते अगस्त में कुल खाद्य तेल आयात 4 फीसदी बढ़कर 15.4 लाख टन हो गया।
रॉयटर्स से बात करने वाले व्यापारियों के मुताबिक, अगस्त में नेपाल से करीब 1 लाख टन खाद्य तेल भी भारत आया। इसमें लगभग 90,000 टन सोयाबीन तेल था। नेपाल से जमीन के रास्ते आने वाला यह शुल्क-मुक्त आयात भारत के कुल आयात के आँकड़ों में शामिल नहीं है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) सितंबर के मध्य तक अगस्त के खाद्य तेल आयात के आधिकारिक आँकड़े जारी कर सकता है।
त्योहारी मांग से पहले रिफाइनरों ने बढ़ाई खरीदारी
भारत में अगस्त से नवंबर के बीच कई बड़े त्योहार होते हैं। इस दौरान घरों और खाद्य कारोबार में खाद्य तेल की मांग आम तौर पर बढ़ जाती है। इसी वजह से रिफाइनरों ने त्योहारी मांग शुरू होने से पहले ही तेल का स्टॉक बढ़ाना शुरू कर दिया। भारत की बढ़ी हुई खरीद का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है। दुनिया के सबसे बड़े वनस्पति तेल आयातक की ज्यादा मांग से इंडोनेशिया, मलेशिया और अर्जेंटीना जैसे प्रमुख उत्पादक देशों के स्टॉक में कमी आ सकती है। इससे पाम ऑयल और सोयाबीन तेल के वैश्विक वायदा कारोबार को सहारा मिलने की संभावना है।
सूरजमुखी तेल की आपूर्ति में रुकावट
रूस-यूक्रेन युद्ध बढ़ने से काला सागर क्षेत्र से सूरजमुखी तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई। इससे भारत में सोयाबीन तेल की मांग और बढ़ी। भारत अपनी ज्यादातर पाम ऑयल की जरूरत इंडोनेशिया और मलेशिया से पूरी करता है। वहीं, सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल का आयात मुख्य रूप से अर्जेंटीना, ब्राज़ील, रूस और यूक्रेन से किया जाता है।