Customs Duty Cut: सरकार ने 40 जरूरी केमिकल्स पर कस्टम ड्यूटी की खत्म, खाद से लेकर दवाइयों तक ये 40 सामान होंगे सस्ते
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने के खतरे को देखते हुए, भारत सरकार ने 2 अप्रैल 2026 को एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्लास्टिक, दवाइयों और पेट्रोकेमिकल्स सहित 40 जरूरी सामानों के आयात पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह से हटा दी है। यह कदम ग्लोबल सप्लाई चेन में आई बाधाओं और कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण देश में सामानों की किल्लत और महंगाई को रोकने के लिए उठाया गया है। यह छूट 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
महंगाई और सप्लाई संकट से निपटने की रणनीति
सरकार ने यह फैसला पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच लिया है, जिसने दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा कर दिया है। इस संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 फीसदी का उछाल आया है। भारत अपनी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है, इसलिए यह स्थिति चिंताजनक थी। इस दबाव को कम करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
इन सामानों पर से कस्टम ड्यूटी हटाई गई
जिन 40 सामानों पर से कस्टम ड्यूटी हटाई गई है, उनमें एनएहाइड्रस अमोनिया, मेथनॉल, टोल्यूनि, स्टाइरीन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीइथाइलीन, पॉलीप्रोपाइलीन, एपॉक्सी रेजिन, पॉलीयूरीथेन और फॉर्मल्डेहाइड डेरिवेटिव्स जैसे जरूरी इनपुट शामिल हैं। ये सामान फार्मास्युटिकल्स (दवाइयां बनाने में), ऑटोमोटिव पार्ट्स (गाड़ियों के पुर्जे) और बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग (सामान बनाने) में इस्तेमाल होते हैं।
इस लिस्ट में शामिल कुछ प्रमुख वस्तुएं इस प्रकार हैं: निर्जल अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, मेथनॉल, आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (MEG), फिनॉल, एसिटिक अम्ल, विनाइल एसीटेट मोनोमर, शुद्ध टेरेफ्थैलिक अम्ल (PTA), एथिलीनडायमीन, डाइएथेनोलामाइन एवं मोनोएथेनोलामाइन, टोल्यून डाय-आइसोसाइनेट, अमोनियम नाइट्रेट, लीनियर एल्किलबेंजीन, एथिलीन के पॉलिमर, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीस्टाइरीन, स्टाइरीन-एक्रिलोनाइट्राइल (SAN), एक्रिलोनाइट्राइल-ब्यूटाडाइन-स्टाइरीन (ABS), पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC), पॉलीटेट्राफ्लोरोएथिलीन, पॉलीविनाइल एसीटेट, पॉलीविनाइल अल्कोहल, पॉली (मेथाइल मेथाक्रिलेट), पॉलीऑक्सिमेथिलीन (POM - एसीटल), पॉलीऑल्स, पॉलीईथर ईथर कीटोन (PEEK), एपॉक्सी रेज़िन, पॉलीकार्बोनेट्स, एल्किड रेज़िन, पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट (PET) चिप्स, असंतृप्त पॉलिएस्टर रेज़िन, पॉलीब्यूटिलीन टेरेफ्थेलेट, फॉर्मल्डिहाइड, यूरिया फॉर्मल्डिहाइड, मेलामाइन फॉर्मल्डिहाइड, फिनोल फॉर्मल्डिहाइड, पॉलीयूरीथेन, पॉलीफिनाइलिन सल्फाइड (PPS), और पॉलीब्यूटाडाइन, स्टाइरीन-ब्यूटाडाइन।
| क्र.सं. | CTH कोड | प्रोडक्ट का नाम |
|---|---|---|
| 1 | 2814 10 00 | Anhydrous Ammonia |
| 2 | 2902 30 00 | Toluene |
| 3 | 2902 50 00 | Styrene |
| 4 | 2903 12 00 | Dichloromethane |
| 5 | 2903 21 00 | Vinyl Chloride Monomer |
| 6 | 2905 11 00 | Methanol |
| 7 | 2905 12 20 | Isopropyl Alcohol |
| 8 | 2905 31 00 | Monoethylene Glycol (MEG) |
| 9 | 2907 11 10 | Phenol |
| 10 | 2915 21 00 | Acetic Acid |
| 11 | 2915 32 00 | Vinyl Acetate Monomer |
| 12 | 2917 36 00 | Purified Terephthalic Acid (PTA) |
| 13 | 2921 21 00 | Ethylenediamine |
| 14 | 2922 Series | Diethanolamine & Monoethanolamine |
| 15 | 2929 10 20 | Toluene Di-isocyanate |
| 16 | 3102 30 00 | Ammonium Nitrate |
| 17 | 3817 00 11 | Linear Alkylbenzenes |
| 18 | 3901 | Polymers of Ethylene |
| 19 | 3902 Series | Polypropylene |
| 20 | 3903 Series | Polystyrene |
| 21 | 3903 20 00 | SAN (Styrene-Acrylonitrile) |
| 22 | 3903 30 00 | ABS |
| 23 | 3904 Series | PVC |
| 24 | 3904 61 00 | Polytetrafluoroethylene |
| 25 | 3905 Series | Polyvinyl Acetate |
| 26 | 3905 30 00 | Polyvinyl Alcohol |
| 27 | 3906 Series | PMMA |
| 28 | 3907 10 00 | POM (Acetal) |
| 29 | 3907 29 | Polyols |
| 30 | 3907 29 90 | PEEK |
| 31 | 3907 30 10 | Epoxy Resins |
| 32 | 3907 40 00 | Polycarbonates |
| 33 | 3907 50 00 | Alkyd Resins |
| 34 | 3907 Series | PET Chips |
| 35 | 3907 91 20 | Unsaturated Polyester Resins |
| 36 | 3907 91 50 | Polybutylene Terephthalate |
| 37 | 2912 / 3909 Series | Formaldehyde & Derivatives |
| 38 | 3909 50 00 | Polyurethanes |
| 39 | 3911 90 90 | PPS |
| 40 | 4002 | Polybutadiene, Styrene Butadiene |
पिछले हफ्ते पेट्रोल-डीजल पर कम हुई थी एक्साइज ड्यूटी
यह भी बता दें कि इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त रूप से हमला किया था, जिसके बाद से यह संघर्ष शुरू हुआ। इस संघर्ष की वजह से ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 फीसदी का उछाल आया है। इस दबाव को कम करने के लिए सरकार ने पिछले हफ्ते भी कुछ बड़े फैसले लिए थे। पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। मौजूदा समय में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल पर इसे फ्री रखा गया है।