International Day of Potato: कब और कहाँ पैदा हुआ था आलू? थाली तक कैसे पहुंचा? खाने के अलावा कहाँ आता है काम?
30 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय आलू दिवस (International Day of Potato) मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के अनुसार आलू दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है जिसे अरबों लोग नियमित रूप से अपने भोजन में शामिल करते हैं। यह फसल भूख और गरीबी से लड़ने के साथ-साथ टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाती है।
159 देशों में होती है आलू की खेती
FAO के अनुसार, आलू का वैश्विक महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि आज 159 देशों में इसकी खेती की जाती है। दुनिया भर में आलू की 5,000 से अधिक किस्में मौजूद हैं और इसका इतिहास करीब 8,000 वर्ष पुराना माना जाता है। सदियों पुरानी यह फसल आज भी खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका का मजबूत आधार बनी हुई है।
लाखों लोगों की रोजी-रोटी का आधार
विशेषज्ञों का कहना है कि आलू का महत्व केवल खेत तक सीमित नहीं है। इसकी खेती, भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन और विपणन से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका इस फसल पर निर्भर करती है। यही वजह है कि आलू को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा स्रोत माना जाता है। FAO के मुताबिक आलू की वैल्यू चेन को मजबूत बनाकर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है और कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
एंडीज पर्वत से थाली तक
आलू की उत्पत्ति दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वतीय क्षेत्र में हुई थी, जहां यह इंका सभ्यता का प्रमुख भोजन था। 16वीं शताब्दी में यह यूरोप पहुंचा और बाद में पूरी दुनिया में फैल गया। चीन में अकाल के दौरान भी इस फसल ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज आलू छोटे किसानों से लेकर बड़े व्यावसायिक कृषि फार्मों तक उगाया जाता है और दुनिया की सबसे बहुमुखी फसलों में गिना जाता है।
खाद्य उद्योग में बढ़ रहा आलू का उपयोग
आलू से कई प्रकार के खाद्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। प्री-प्रोसेस्ड उत्पादों में फ्लेक्स, आटा, फ्रीज-ड्राइड उत्पाद (चुन्यो) और स्टार्च शामिल हैं। वहीं पके हुए खाद्य पदार्थों में उबला आलू, बेक्ड आलू, फ्रेंच फ्राइज, नमकीन स्नैक्स, सॉटे और प्यूरी प्रमुख हैं। कुछ देशों में आलू से अल्कोहलिक पेय और चुन्यो आधारित पेय पदार्थ भी तैयार किए जाते हैं।
पशुपालन और कृषि में भी अहम भूमिका
आलू की खेती से निकलने वाले उप-उत्पाद भी उपयोगी होते हैं। आलू के छिलके और अन्य अवशेष पशु आहार के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके अलावा साइलेज बनाने में भी इनका उपयोग होता है। आलू के बीज कंद (सीड ट्यूबर) अगले सीजन की खेती के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। एक फसल के उत्पादन का लगभग 5 से 15 प्रतिशत हिस्सा बीज के रूप में सुरक्षित रखा जाता है।
उद्योगों के लिए भी बहुमूल्य फसल
आलू सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं है। इससे चिपकाने वाले पदार्थ (एडहेसिव), बायोप्लास्टिक, रंग, डेक्सट्रोज एगर, प्रोटीन, गूदा (पल्प), छिलके से बने उत्पाद और सौंदर्य प्रसाधन भी तैयार किए जाते हैं।
पर्यावरण के अनुकूल विकल्प
आलू स्टार्च लगभग 100 प्रतिशत जैव-अपघटनीय (बायोडिग्रेडेबल) होता है। इसी कारण इसका उपयोग डिस्पोजेबल प्लेट, बर्तन और अन्य पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के निर्माण में तेजी से बढ़ रहा है।
खाद्य सुरक्षा के लिए अहम फसल
FAO का मानना है कि बढ़ती आबादी, जलवायु परिवर्तन और खाद्य चुनौतियों के दौर में आलू भविष्य की महत्वपूर्ण फसल बन सकता है। इसकी अधिक उत्पादन क्षमता, कम अवधि में तैयार होने की क्षमता और पोषण मूल्य इसे खाद्य सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाते हैं।