माताओं और नवजातों की देखभाल अब होगी आसान, केंद्र सरकार ने लॉन्च किया ‘जननी’ डिजिटल प्लेटफॉर्म

Preeti Nahar | May 07, 2026, 15:13 IST
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नई पहल के तहत, केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की देखभाल के लिए 'जननी' नामक एक डिजिटल प्लेटफार्म लॉन्च किया है। यह प्लेटफार्म गर्भावस्था से लेकर जन्म तक की सभी जानकारियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखेगा। इससे डॉक्टर्स को सही समय पर जानकारी मिलेगी और महिलाओं को कागज के झमेलों से छुटकारा मिलेगा।

देश में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और माताओं की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय नवाचार एवं समावेशिता शिखर सम्मेलन के दौरान ‘जननी’ (प्रसवपूर्व, प्रसवोत्तर और नवजात शिशु एकीकृत देखभाल यात्रा) डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म का मकसद महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को एक ही डिजिटल सिस्टम से जोड़ना है, ताकि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म और उसके बाद की देखभाल तक सभी रिकॉर्ड सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहें।



क्या है जननी प्लेटफॉर्म?

‘जननी’ एक सेवा आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे प्रजनन आयु की महिलाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को ट्रैक करने के लिए तैयार किया गया है। यह पुराने RCH (रीप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ) पोर्टल का अपग्रेडेड वर्जन है। इस प्लेटफॉर्म पर महिला की गर्भावस्था से जुड़ी जानकारी, जांच रिपोर्ट, प्रसव की तैयारी, डिलीवरी, प्रसव के बाद की देखभाल, नवजात की निगरानी और परिवार नियोजन जैसी जानकारियां दर्ज होंगी। इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर सही जानकारी मिलेगी और इलाज आसान होगा।



गर्भवती महिलाओं को क्या मिलेगा फायदा?

जननी प्लेटफॉर्म के जरिए गर्भवती महिलाओं को कई सुविधाएं मिलेंगी।



  1. समय पर जाँच की जानकारी
  2. टीकाकरण की तारीख का अलर्ट
  3. प्रसव की संभावित तारीख की जानकारी
  4. नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी
  5. पोषण संबंधी सलाह
  6. स्वास्थ्य रिकॉर्ड की डिजिटल सुविधा

इससे महिलाओं को बार-बार कागजी दस्तावेज लेकर अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।



QR कोड वाला मिलेगा डिजिटल MCH कार्ड

इस प्लेटफॉर्म की सबसे खास बात यह है कि अब महिलाओं को QR कोड आधारित डिजिटल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड को स्कैन करके डॉक्टर तुरंत मरीज की मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे। इससे इलाज में देरी नहीं होगी और अगर महिला दूसरे शहर या राज्य में चली जाए, तब भी उसका रिकॉर्ड आसानी से मिल जाएगा।



हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की तुरंत होगी पहचान

जननी प्लेटफॉर्म में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान के लिए ऑटोमेटिक अलर्ट सिस्टम लगाया गया है। अगर किसी महिला की गर्भावस्था में खतरे के संकेत मिलते हैं तो स्वास्थ्य विभाग को तुरंत जानकारी मिल जाएगी। इसके अलावा अधिकारियों के लिए रियल टाइम डैशबोर्ड भी बनाया गया है, जिससे वे पूरे सिस्टम की निगरानी कर सकेंगे।



U-WIN और पोषण प्लेटफॉर्म से भी जुड़ा

सरकार ने इस प्लेटफॉर्म को दूसरे डिजिटल हेल्थ सिस्टम से भी जोड़ा है। यह Ministry of Health and Family Welfare के तहत चल रहे U-WIN और पोषण प्लेटफॉर्म से जुड़कर काम करेगा। इससे बच्चों के टीकाकरण और पोषण संबंधी जानकारी भी एक ही जगह उपलब्ध होगी।



आधार, आभा और मोबाइल नंबर से होगा रजिस्ट्रेशन

इस प्लेटफॉर्म पर महिलाएं आधार, ABHA हेल्थ आईडी और मोबाइल नंबर के जरिए पंजीकरण कर सकेंगी। इसके साथ ही प्रवासी परिवारों को भी बड़ा फायदा मिलेगा क्योंकि किसी भी राज्य में उनका रिकॉर्ड देखा जा सकेगा। इसे आप गूगल प्ले स्टोर जााकर डाउनलोड कर सकती हैं।



अब तक कितने लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन?

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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक-



  1. 1.34 करोड़ लाभार्थियों का पंजीकरण
  2. 30 लाख से ज्यादा गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन
  3. 30 लाख से ज्यादा MCH कार्ड जारी
  4. 1 लाख से ज्यादा बायोमेट्रिक सत्यापन किए जा चुके हैं।

मातृ मृत्यु दर कम करने की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद करेगा। समय पर जाँच, सही रिकॉर्ड और लगातार निगरानी से महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। सरकार का कहना है कि ‘जननी’ प्लेटफॉर्म देश में डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत करेगा और हर महिला तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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