जोधपुर में गहराया जल संकट: 20 लाख की आबादी वाला शहर प्यास के कगार पर, केवल दो दिन का पानी बचा, पूर्व सीएम Ashok Gehlot ने उठाए सवाल
राजस्थान के Jodhpur में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। शहर में पानी की कमी को लेकर हालात इतने खराब बताए जा रहे हैं कि कई इलाकों में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसी बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य सरकार और जलदाय विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि “जोधपुर में त्राहि-त्राहि मची हुई है और स्थिति लगभग जल-आपातकाल जैसी बन चुकी है।” गहलोत ने दावा किया कि कायलाना तख्तसागर में केवल दो दिन का पानी बचा है और करीब 20 लाख की आबादी वाला शहर प्यास के कगार पर खड़ा है।
“जलदाय विभाग अब तक क्या कर रहा था?” गहलोत
अशोक गहलोत ने अपने बयान में पूछा कि जब गर्मियों का संकट हर साल सामने आता है, तो पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि क्या यह जल प्रबंधन की विफलता नहीं है? उन्होंने जोधपुर के सांसदों और भाजपा विधायकों से भी सरकार को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने और समाधान निकालने की अपील की।
जोधपुर में भूजल की स्थिति भी चिंताजनक
जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान लंबे समय से भूजल संकट झेल रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इस क्षेत्र में भूजल का अत्यधिक दोहन लगातार बढ़ रहा है और कई इलाकों में जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की रिपोर्ट में राजस्थान के 70% से अधिक भूजल क्षेत्र “ओवरएक्सप्लॉइटेड” यानी अत्यधिक दोहन वाले बताए गए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक जोधपुर के कई हिस्सों में पारंपरिक कुएं और हैंडपंप सूख चुके हैं, जिसके कारण लोगों की निर्भरता गहरे बोरवेल और टैंकरों पर बढ़ती जा रही है। कुछ इलाकों में पानी 800 से 900 फीट तक गहराई में पहुंच चुका है।
बांधों और जलाशयों में भी घटा पानी
राजस्थान के जलाशयों में पानी का स्तर भी तेजी से गिरा है। हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य के प्रमुख बांधों की जल भंडारण क्षमता घटकर लगभग 52% रह गई है। पश्चिमी राजस्थान के जिलों खासकर जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर में जलाशयों का स्तर करीब 25% तक सिमट चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण पर बड़े स्तर पर काम नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में जोधपुर जैसे शुष्क क्षेत्रों में पानी का संकट और गहरा सकता है।
पानी की गुणवत्ता भी बन रही चिंता
जोधपुर समेत राजस्थान के कई जिलों में भूजल की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। रिपोर्ट्स में फ्लोराइड और अन्य खनिजों की अधिक मात्रा मिलने की बात सामने आई है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।