खरीफ 2026 बीज वितरण में बड़ा बदलाव: अब 'पहले आओ पहले पाओ' नहीं, ऑनलाइन बुकिंग के बाद ई-लॉटरी से मिलेगा बीज
Agriculture Department Seed Booking Kharif 2026 India: खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को बीज वितरण की व्यवस्था में इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। कृषि विभाग ने वर्षों से चल रही 'पहले आओ पहले पाओ' प्रणाली को समाप्त करते हुए ऑनलाइन बुकिंग और ई-लॉटरी आधारित नई व्यवस्था लागू कर दी है। विभाग का कहना है कि इस नई प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य बीज वितरण को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुविधाजनक बनाना है, ताकि हर पात्र किसान को समान अवसर मिल सके। इच्छुक किसान दर्शन पोर्टल- http://agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
मिनिकिट श्रेणी के बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू
उप कृषि निदेशक ने जानकारी देते हुए बताया कि सामान्य, संकर एवं मिनिकिट श्रेणी के बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है। किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं और अपनी जरूरत के अनुसार बीजों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस बार विभाग ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया है, जिससे किसानों को कार्यालयों के चक्कर लगाने या लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
क्या हैं बुकिंग की तारीखें जानिए?
यूपी कृषि निदेशक ने जानकारी देते हुए बताया कि सामान्य, संकर एवं मिनिकिट श्रेणी के बीजों की ऑनलाइन बुकिंग 22 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं और अपनी जरूरत के अनुसार बीजों के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं ऑनलाइन बुकिंग की अंतिम तिथि 10 मई 2026 निर्धारित की गई है। विभाग ने किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो।
ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा लाभार्थियों का चयन
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी बीज या योजना के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। यानी पहले आवेदन करने वाले को प्राथमिकता नहीं मिलेगी, बल्कि सभी पात्र किसानों को समान रूप से मौका दिया जाएगा। इससे छोटे और दूरदराज के किसानों को भी बराबरी का अवसर मिलेगा, जो पहले समय पर पहुँच न पाने के कारण लाभ से वंचित रह जाते थे।
उड़द, मूंग और अरहर के बीज होंगे उपलब्ध
कृषि विभाग द्वारा जिन फसलों के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, उनमें दलहन फसलें जैसे उड़द, मूंग और अरहर शामिल हैं। वहीं तिलहन फसलों में तिल तथा मोटे अनाजों में बाजरा, ज्वार, मक्का और धान के बीज उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा श्रीअन्न फसलों जैसे रागी, सांवा और कोदो आदि के बीज भी किसानों को दिए जाएंगे। इससे किसानों को फसल विविधीकरण और पोषणयुक्त अनाजों की खेती को बढ़ावा मिलेगा।
समय सीमा के भीतर करें ऑनलाइन आवेदन
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें और पंजीकरण के समय सही जानकारी भरें। आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर चयन प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है। जिन किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई हो रही है, वे अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय, जनसेवा केंद्र या विभागीय कर्मचारियों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।