AGRO-TOURISM: समंदर किनारे चूल्हे का खाना, मेहमाननवाज़ी के साथ कमाई भी ज़्यादा

Lata Mishra | Feb 26, 2026, 14:45 IST
Image credit : Gaon Connection Network, Gaon Connection
रोजी-रोटी की तलाश में हर साल लाखों लोग अपना गाँव छोड़कर बड़े शहरों की और पलायन करते हैं। लेकिन ये रोजगार अगर गाँव में ही मिल जाए, तो गाँव गुलजार रहेंगे और युवाओं पलायन नहीं करना पड़ेगा। एग्रो टूरिज्म से ऐसी ही राह दिखाई है महाराष्ट्र के कर्दे गाँव ने।
​महाराष्ट्र के खूबसूरत गाँव कर्दे ने अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण जीवनशैली को अपनी जीविका का ज़रिया बना लिया है। 

भारत के गाँवों के बारे में एक बात मशहूर है— गाँव में कोई अजनबी नहीं समझता खुद को। अगर आप अनजान बनकर भी किसी दहलीज पर खड़े हो जाएँगे, तो बिना आपको जाने ही लोग आपकी खातिरदारी में जुट जाएँगे। 'अतिथि देवो भव' की यह परंपरा हमारे डीएनए में है। क्या आपने कभी सोचा है कि यही मेहमाननवाज़ी किसी गाँव की तक़दीर बदल सकती है?



महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के एक खूबसूरत गाँव कर्दे ने इसे सच कर दिखाया है। इस गाँव ने अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण जीवनशैली को ही अपनी जीविका का ज़रिया बना लिया है। पहले गाँव के युवा काम की तलाश में शहरों की भीड़ का हिस्सा बन रहे थे। लेकिन जब से कर्दे ने एग्रो-टूरिज्म की राह पकड़ी है, तस्वीर बदल गई है।



Image credit : Gaon Connection Network, Gaon Connection

अब युवाओं को नौकरी के लिए शहर जाने की मजबूरी नहीं है। किसी ने खुद का उद्यम शुरू किया है, तो कोई पर्यटन क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा है। जब गाँव में पर्यटकों की संख्या बढ़ी, तो खेती और दूध के व्यवसाय में फिर से जान आ गई। युवाओं में यह आत्मविश्वास जगा कि अपने गाँव की मिट्टी में रहकर भी भविष्य सँवारा जा सकता है।



Image credit : Gaon Connection Network, Gaon Connection

आख़िर क्यों ख़ास हैं यहाँ के होमस्टे?



कर्दे की सबसे बड़ी ख़ासियत है यहां के होमस्टे। यहां कंक्रीट के होटलों वाला ठंडापन नहीं, बल्कि घर वाली गर्माहट मिलती है।गाँव की ही एक महिला शारदा बताती हैं, "शादी के बाद मैं घर की चारदीवारी तक सीमित थी। लेकिन जब होमस्टे शुरू हुए, तो मुझे काम मिला। अब मेरे हाथ खुद का पैसा आता है।"



Image credit : Gaon Connection Network, Gaon Connection

इन होमस्टे में पर्यटकों को न सिर्फ़ रहने की जगह मिलती है, बल्कि चूल्हे पर बना पारंपरिक कोंकणी भोजन भी परोसा जाता है। यही स्वाद सैलानियों को बार-बार यहां खींच लाता है।



Image credit : Gaon Connection Network

देश के नक़्शे पर चमका कर्दे



आज कर्दे गाँव भारत के नक़्शे पर 'बेस्ट एग्रो टूरिज्म' डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना चुका है। गाँववालों के लिए यह सिर्फ़ गर्व की बात नहीं, बल्कि मार्केटिंग का एक जरिया है, जिससे देशभर के पर्यटकों की यहां लाइन लगी रहती है।



अगली बार जब आप छुट्टियों का प्लान बनाएँ, तो किसी महंगे रिज़ॉर्ट के बजाय किसी ग्रामीण होमस्टे को चुनें। वहाँ आपको सोशल मीडिया के लिए शानदार तस्वीरें तो मिलेंगी ही, साथ ही आप अपनी जड़ों से जुड़ने का वह सुकून भी महसूस कर पाएंगे जो शहरों की भागदौड़ में कहीं खो गया है।

Tags:
  • villages of india
  • agro tourism
  • agriculture
  • maharashta
  • people of india
  • farmers of india
  • konkan
  • indian culture
  • karde village