मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 47,990 करोड़ के प्रस्तावों को दी मंजूरी, कृषि शिक्षा-अनुसंधान को बढ़ावा; रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई पुरस्कार की राशि बढ़ी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में जनकल्याण और प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, महिला सशक्तिकरण, वन प्रबंधन और उच्च शिक्षा समेत कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए। सरकार ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जन-स्वास्थ्य को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे के विस्तार और विभिन्न वर्गों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कुल 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी। कैबिनेट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत सहित स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 244.51513 करोड़ रुपये मंजूर किए।
बैठक में शिक्षा और कृषि क्षेत्र को भी बड़ी सौगात दी गई। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को ब्लॉक ग्रांट योजना के तहत आगामी पांच वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 795.59 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए सीहोर जिले के छापड़ में 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने को स्वीकृति मिली। महिलाओं के सम्मान और प्रोत्साहन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले के तहत रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 22 लाख रुपये तथा रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि 12 लाख से बढ़ाकर 22 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा सड़क, वन प्रबंधन और खनिज साधन विभाग से जुड़ी योजनाओं के लिए भी करोड़ों रुपये की वित्तीय मंजूरी दी गई।
कृषि और उच्च शिक्षा को बढ़ावा, सोयाबीन अनुसंधान के लिए जमीन
कैबिनेट ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के वेतन, भत्ते और मानदेय आदि के लिए ब्लॉक ग्रांट योजना के तहत आगामी पांच वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 795.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।
कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट** की स्थापना का भी रास्ता साफ किया गया है। इसके लिए सीहोर जिले के छापड़ में 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी गई। संस्थान के माध्यम से सोयाबीन की खेती, उत्पादन और कृषि अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत सहित स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 244.51513 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन और जन-स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण और सम्मान से जुड़े बड़े फैसले
कैबिनेट ने महिलाओं के सम्मान और प्रोत्साहन से जुड़े दोनों महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय पुरस्कारों की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया। रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 22 लाख रुपये कर दी गई है।
इसी तरह रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि भी बढ़ाई गई है। पहले इस पुरस्कार के तहत 12 लाख रुपये दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर 22 लाख रुपये करने की मंजूरी दी गई है। सरकार के इस फैसले से महिला वीरता और योगदान को राज्य स्तर पर मिलने वाले सम्मान की राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
सड़क, वन और खनिज क्षेत्र में भी करोड़ों की मंजूरी
प्रदेश के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भोपाल-विदिशा मार्ग को दो लेन से चार लेन में बदलने के लिए 1,757.55 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं भोपाल बायपास को छह लेन बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण की अनुमति दी गई है।
कैबिनेट ने संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदान करने की योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 918 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। इसके अलावा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत विभागीय परिसंपत्तियों के हस्तांतरण से संबंधित योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालित करने के लिए 2.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इस तरह मंगलवार की बैठक में सरकार ने स्वास्थ्य, कृषि, महिला सम्मान, शिक्षा, सड़क, वन और खनिज क्षेत्र से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी देकर प्रदेश के विकास और जनकल्याण पर जोर दिया।