Crop Damage Compensation: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, बेमौसम बारिश से हुए नुकसान पर 164 करोड़ रुपये की मदद
महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और खराब मौसम से प्रभावित किसानों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने करीब 164 करोड़ रुपये की सहायता राशि मंजूर की है। इस फैसले से उन हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसलें हालिया बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की वजह से खराब हो गई थीं।
कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान
राज्य के कई हिस्सों में साल 2026 में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। खासतौर पर फल, सब्जी और रबी फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा। खेतों में खड़ी फसलें बारिश और तेज हवाओं की चपेट में आ गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। प्रशासन द्वारा किए गए सर्वे में कई जिलों में बड़े पैमाने पर नुकसान सामने आया, जिसके बाद राहत पैकेज देने का फैसला लिया गया।
सरकार ने जारी की राहत राशि
राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए 164 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। यह सहायता फसल नुकसान के आकलन के आधार पर किसानों तक पहुंचाई जाएगी। सरकार का कहना है कि राहत राशि का वितरण जल्द शुरू किया जाएगा ताकि किसानों को अगली फसल की तैयारी में मदद मिल सके।
किसानों को कैसे मिलेगा मुआवजा?
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिन किसानों की फसलें नुकसानग्रस्त हुई हैं, उन्हें सरकारी सर्वे और रिकॉर्ड के आधार पर सहायता दी जाएगी। राहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा सकती है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम की मार से बढ़ी किसानों की मुश्किलें
पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र में मौसम का असामान्य व्यवहार किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कभी सूखा तो कभी बेमौसम बारिश किसानों की लागत और मेहनत दोनों पर असर डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के बीच खेती को सुरक्षित बनाने के लिए बेहतर बीमा, मौसम पूर्वानुमान और मजबूत राहत तंत्र की जरूरत है।
किसान संगठनों ने की और मदद की मांग
कई किसान संगठनों का कहना है कि राहत राशि जरूरी जरूर है, लेकिन बढ़ती लागत और बड़े नुकसान को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं है। किसानों ने सरकार से अधिक मुआवजा, आसान बीमा क्लेम और जल्द सहायता वितरण की मांग की है। किसानों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम के कारण खेती का जोखिम बढ़ता जा रहा है और ऐसे में समय पर आर्थिक सहायता बेहद जरूरी हो गई है।