Green Drive: हरियाली अमावस्या पर देशभर में लगेंगे 50 हजार से ज़्यादा पौधे, जानिए क्या है पूरी पहल
हरियाली अमावस्या इस बार सिर्फ़ एक पर्व मनाने का दिन नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ अपनी ज़िम्मेदारी निभाने का मौक़ा भी बनने जा रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आह्वान पर ‘वृक्ष मित्र परिवार’ से जुड़े हज़ारों सदस्य 12 अगस्त को अपने गाँव, शहर और पंचायतों में पौधरोपण करेंगे। इस पहल के तहत देशभर में 50 हजार से ज़्यादा पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है।
इस अभियान की ख़ास बात यह है कि इसमें किसी एक जगह या एक संस्था तक सीमित रहने के बजाय आम लोगों को भी जोड़ने पर ज़ोर दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे हरियाली अमावस्या के दिन कम से कम एक पौधा लगाएँ और पर्यावरण संरक्षण की इस पहल को आगे बढ़ाएँ।
एक पौधे से शुरू होगी हरियाली की पहल
हरियाली अमावस्या बारिश और हरियाली के मौसम से जुड़ा पर्व है। ऐसे समय में खेतों और आसपास के इलाक़ों में हरियाली बढ़ने लगती है और नई फ़सल की उम्मीद भी दिखाई देती है। इसी प्राकृतिक बदलाव के बीच पौधा लगाकर प्रकृति के प्रति आभार जताने का संदेश दिया जा रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रकृति के प्रति आभार केवल शब्दों में नहीं, बल्कि पौधरोपण के ज़रिए भी व्यक्त किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि एक पौधा लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और सुंदर भविष्य की दिशा में उठाया गया क़दम है।
गाँवों से शहरों तक लगाए जाएँगे पौधे
12 अगस्त को ‘वृक्ष मित्र परिवार’ से जुड़े सदस्य अपने-अपने गाँवों, शहरों और पंचायतों में पौधे लगाएँगे। यानी हरियाली अमावस्या पर अलग-अलग इलाक़ों में लोग अपने स्तर पर इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। शिवराज सिंह चौहान भी नई दिल्ली में अपने साथियों के साथ पौधरोपण करेंगे। वह 12 अगस्त को पीबीजी ग्राउंड, सेंट्रल रेंज, तालकटोरा स्टेडियम के पास पौधे लगाएँगे। इसके साथ ही देश के दूसरे हिस्सों में अभियान से जुड़े लोग पौधरोपण करेंगे।
सिर्फ़ पौधा लगाना नहीं, लोगों को जोड़ना भी मक़सद
इस पहल को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से एक और अपील की है। उन्होंने कहा है कि पौधा लगाने के बाद 5 और लोगों को इस अभियान से जोड़ें। इसके बाद ये 5 लोग भी 5-5अन्य लोगों को जोड़ें। इस तरह एक व्यक्ति से शुरू हुई छोटी-सी पहल कई परिवारों और समुदायों तक पहुँच सकती है। इससे पौधरोपण को केवल एक दिन की गतिविधि के बजाय सामूहिक ज़िम्मेदारी बनाने की कोशिश की जा रही है।
पौधे के साथ उसकी देखभाल भी ज़रूरी
पौधा लगाना शुरुआत है, लेकिन उसकी देखभाल करना उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है। पौधे को बड़ा होने के लिए पानी, सुरक्षा और देखभाल की ज़रूरत होती है। इसलिए हरियाली अमावस्या पर लगाए गए पौधों की ज़िम्मेदारी भी लोगों को लेने का संदेश दिया जा रहा है। आज लगाया गया एक छोटा पौधा आने वाले वर्षों में छाया, हरियाली और पर्यावरण के लिए फ़ायदे का आधार बन सकता है। यही वजह है कि इस पहल को आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य से जोड़ा जा रहा है।
तस्वीरों के ज़रिए दिखेगी लोगों की भागीदारी