28 से 2 अगस्त के बीच कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए कहाँ बरसेगें सबसे ज्य़ादा बादल

Gaon Connection | Jul 28, 2026, 11:21 IST
अगस्त की शुरुआत से पहले मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और देश के कई हिस्से में बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी के अनुसार, 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच कई राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएंँ चल सकती हैं। इस दौरान ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

अगस्त की शुरुआत से पहले मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। आईएमडी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इसका असर खेती, यातायात और जनजीवन पर भी पड़ सकता है।



आईेमडी के अनुसार, 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच कई राज्यों में भारी बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं। वहीं, हवा में नमी बढ़ने से कई इलाकों में उमस भी महसूस की जाएगी। अच्छी बारिश खरीफ फसलों के लिए राहत लेकर आएगी, लेकिन जिन इलाकों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहाँ जलभराव, फसलों को नुकसान और खेतों में कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका भी रहेगी।



28 से 31 जुलाई के बीच सबसे अधिक सक्रिय रहेगा मानसून

आईएमडी के अनुसार, 28 से 31 जुलाई के बीच मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। इस दौरान ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 30 और 31 जुलाई को मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं 1 और 2 अगस्त को भी उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में इसकी तीव्रता पहले के मुकाबले कम हो सकती है।



इन राज्यों के लिए जारी किया गया भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जिन क्षेत्रों में पहले बारिश की कमी दर्ज की गई थी, वहाँ यह वर्षा धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और अन्य खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। वहीं लगातार तेज़ बारिश वाले इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखना ज़रूरी होगा।



50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से चल सकती हैं हवाएँ

बारिश के साथ तेज़ हवाएँ भी चलने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से हवाएँ चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। अन्य राज्यों में भी गरज-चमक के दौरान तेज़ झोंकेदार हवाएँ चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। साथ ही खुले खेतों में काम कर रहे किसानों से भी खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।



नमी बढ़ने से बढ़ेगी उमस

बारिश के साथ हवा में नमी भी बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान अधिकांश राज्यों में रिलेटिव ह्यूमिडिटी 70 से 95 प्रतिशत के बीच रह सकती है। तटीय क्षेत्रों और गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ने की संभावना है, जबकि लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है। अधिक नमी के कारण फसलों में फफूंद और कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि खेतों में पानी जमा न होने दें और मौसम साफ होने के बाद ही उर्वरकों तथा कीटनाशकों का छिड़काव करें।



किसानों के लिए क्या है सलाह?

लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और सब्ज़ियों की फसलों वाले खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। जिन क्षेत्रों में तेज़ हवाओं की संभावना है, वहाँ सब्ज़ियों और बेल वाली फसलों को सहारा देने की भी आवश्यकता होगी। मौसम विभाग का कहा है कि वे स्थानीय मौसम बुलेटिन पर लगातार नज़र रखें और बुवाई, सिंचाई, उर्वरक तथा दवा छिड़काव जैसे कृषि कार्य मौसम की स्थिति के अनुसार ही करें। अगले कुछ दिन देश के कई हिस्सों में मानसून के लिहाज़ से अहम रहने वाले हैं और इसका असर खेती-किसानी पर भी साफ़ दिखाई देगा।

Tags:
  • Monsoon
  • IMD
  • Heavy Rainfall
  • Weather Alert
  • Bay of Bengal
  • Kharif Crops
  • Strong Winds
  • Humidity
  • Flooding
  • Agriculture