अगले 5 दिन इन 22 राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश! आंधी-तूफ़ान का भी अलर्ट, दिल्ली में 19 जुलाई तक बरकरार रहेगी उमस
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की रफ़्तार एक बार फिर तेज़ होने की तैयारी में है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 से 20 जुलाई के बीच उत्तर, पूर्व, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में अगले कई दिनों तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है।
हालाँकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई तक यहाँ गर्मी और उमस बनी रह सकती है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में तेज़ बारिश का दौर, कई ज़िलों के लिए विशेष चेतावनी
- मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक हल्की से भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चल सकती हैं, जबकि उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, रुद्रप्रयाग और चमोली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुफरी, सुंदरनगर, भुंतर, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, ताबो, जोत, मुरारी देवी और नेरी में भी तेज़ बारिश की संभावना जताई गई है।
- उत्तर प्रदेश में 17 से 20 जुलाई के बीच पूर्वी हिस्सों में कई स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 19 और 20 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश तेज़ हो सकती है। लखनऊ, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, हरदोई, शाहजहाँपुर, बाराबंकी, फतेहपुर, रायबरेली, कानपुर, इटावा, जालौन, बाँदा, आगरा, औरैया और हमीरपुर में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना जताई गई है। प्रयागराज में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएँ चल सकती हैं। पिछले 24 घंटों में गोरखपुर में 11.7 मिमी और कृषि विज्ञान केंद्र में 11 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि गाज़ियाबाद और मथुरा-वृंदावन में केवल 0.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
- मध्य प्रदेश में 16 से 18 जुलाई के बीच गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं के साथ वर्षा की संभावना है। इंदौर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, शहडोल, सतना, रीवा, सिंगरौली, सीधी, धार, झाबुआ, अलीराजपुर और मंदसौर में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ में 18 से 20 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।
- पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मानसून सक्रिय रहेगा। बिहार के किशनगंज और अररिया में तूफानी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि समस्तीपुर, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण, सारण, जमुई, बाँका, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, बेगूसराय, वैशाली, दरभंगा और मधुबनी में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 और 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा के कई इलाकों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून, किसानों और लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 जुलाई तक अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी बारिश के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी भारत में गुजरात, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी वर्षा की गतिविधियाँ जारी रहेंगी, जबकि दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, रायलसीमा और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत, पश्चिम-मध्य भारत और उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों में अगले छह से सात दिनों के दौरान वर्षा की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रह सकती है।
मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने, फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मौसम पूर्वानुमान के अनुरूप कृषि कार्य करने की सलाह दी है। वहीं आम लोगों से खराब मौसम के दौरान बिजली गिरने, तेज़ हवाओं और जलभराव वाले क्षेत्रों से सतर्क रहने की अपील की गई है।