मानसून हुआ पूरी तरह एक्टिव: अगले 72 घंटे रहेंगे अहम; यूपी, बिहार समेत 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेज़ी से सक्रिय हो रहा है जिससे आने वाले कुछ दिनों में मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के 23 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तर भारत के कई हिस्सों में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 72 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत, मध्य भारत, पश्चिमी तट और उत्तर भारत के कई राज्यों में व्यापक वर्षा दर्ज की जा सकती है।
आईएमडी के मुताबिक, 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश की गतिविधियाँ और तेज़ होंगी। इसके साथ ही तापमान में गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, 30 जून तक दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू और उमस का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली गिरने, तेज़ हवाएँ चलने, जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
उत्तर भारत में जल्द पहुँचेगा मानसून, दिल्ली-यूपी को मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और नेपाल सीमा तक पहुँच चुकी है। अगले दो दिनों में इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बड़े हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर में 30 जून को आंशिक बादल, धूलभरी आँधी और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि 1 से 4 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है। इससे अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी हिस्सों तक 3 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई ज़िलों में बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने की चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वोत्तर, पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी ने असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा तथा कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक तेज़ बारिश जारी रहने की संभावना है।
मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मध्य प्रदेश में 2 से 4 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। गुजरात में भी 3 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियाँ तेज़ होने का अनुमान है। सौराष्ट्र और कच्छ में भी अच्छी वर्षा की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी तट और दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश, पहाड़ी राज्यों में बढ़ा जोखिम
कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक और केरल में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु के नीलगिरि और कोयंबटूर के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है, जबकि चेन्नई में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
उत्तराखंड में 30 जून से 5 जुलाई तक अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने भूस्खलन, अचानक बाढ़, नदियों-नालों के उफान और सड़कें बंद होने की आशंका जताई है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम का ताज़ा अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
मछुआरों और आम लोगों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज़ हवाएँ चलने की चेतावनी जारी की है। कोंकण-गोवा, केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के कई क्षेत्रों में 3 जुलाई तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। साथ ही भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर न जाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।