इन 17 राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली में नहीं मिलेगी राहत, जानिए आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम?
देशभर में एक बार फिर मानसून ने रफ़्तार पकड़ ली है। उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज़ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 13 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से ख़राब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।
हालाँकि, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को फिलहाल भारी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन उमस से परेशानी बढ़ सकती है। आईएमडी के अनुसार राजधानी और आसपास के इलाक़ों में हल्की से मध्यम बारिश के कुछ दौर ज़रूर देखने को मिल सकते हैं, लेकिन व्यापक और भारी बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में तापमान और नमी दोनों लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में मानसून सक्रिय बना रहेगा। कई इलाक़ों में तेज़ बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है।
उत्तराखंड में 13 से 18 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर में भी 13 से 18 जुलाई तक कई इलाक़ों में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में शिमला, कुल्लू, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना, सोलन, हमीरपुर और बिलासपुर में तेज़ बारिश और 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएँ चल सकती हैं, जिससे भूस्खलन और सड़क बाधित होने का ख़तरा बना रहेगा। पंजाब के लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा, बरनाला, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, संगरूर, फ़िरोज़पुर और चंडीगढ़ में भारी बारिश और 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने का अनुमान है। राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक हो सकती है।
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में तेज़ बारिश के साथ चलेगी आंधी
उत्तर प्रदेश में महाराजगंज, मेरठ, गौतम बुद्ध नगर, कुशीनगर, गाज़ियाबाद, अलीगढ़, मुज़फ़्फ़रनगर, मथुरा, आगरा, एटा, मैनपुरी, देवरिया, हाथरस, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज सहित कई ज़िलों में भारी बारिश, तेज़ हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय, बक्सर, मुज़फ़्फ़रपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, अररिया, मुंगेर समेत कई ज़िलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से हवाएँ चलने और भारी बारिश की संभावना है।
झारखंड के राँची, जमशेदपुर, बोकारो, सिमडेगा, खूंटी, दुमका, देवघर, हज़ारीबाग, धनबाद और पलामू में भी तेज़ बारिश और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से हवाएँ चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल में 14 जुलाई तक दक्षिण बंगाल के बाँकुड़ा, बीरभूम, पूर्व और पश्चिम बर्दवान, नदिया तथा मुर्शिदाबाद में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी तेज़ बारिश का दौर जारी रह सकता है।
दिल्ली में बढ़ेगी उमस, किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम, फ़रीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में अगले कुछ दिनों तक हल्की और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। हालांकि, भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। मौसम विभाग का कहना है कि कम बारिश के बावजूद नमी अधिक रहने से उमस बढ़ेगी और अधिकतम तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
महाराष्ट्र में तटीय और घाट क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। गुजरात के कई हिस्सों, विशेषकर तटीय ज़िलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज़ बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में भी कई इलाक़ों में मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक का अनुमान है। केरल और कर्नाटक में भी मानसून सक्रिय रहेगा और तटीय व पहाड़ी इलाक़ों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश के शहडोल, सिवनी, भोपाल, राजगढ़, श्योपुर, नीमच, आगर मालवा, विदिशा, बालाघाट, खंडवा, नर्मदापुरम, खरगोन, शिवपुरी और छतरपुर में गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी ने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने, बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है। वहीं आम लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, जलभराव वाले इलाक़ों में जाने से बचने और मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनियों पर लगातार नज़र रखने की अपील की गई है।