मानसून की चाल हुई तेज़! दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में बदलने वाला है मौसम, 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
जून का महीना ख़त्म होने के साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में मानसून उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में तेज़ी से आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही देश के 19 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज़ हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में बारिश की शुरुआत के बावजूद फिलहाल गर्मी और लू से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुँच चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि परिस्थितियाँ अनुकूल रहने पर मानसून जल्द ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्व राजस्थान के अधिक हिस्सों तक पहुँच जाएगा। जुलाई की शुरुआत से देश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियाँ तेज़ होने की उम्मीद है, जिससे सामान्य से कम बारिश वाले इलाकों में भी राहत मिल सकती है।
पूर्वोत्तर से दक्षिण भारत तक कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में तेज़ बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पश्चिमी तट पर कोंकण, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली, यूपी, बिहार और उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, लू और बिजली गिरने का ख़तरा
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबाँदी हो सकती है, लेकिन अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी के कारण उमस बनी रह सकती है। कुछ इलाकों में 29 जून तक लू जैसी स्थिति रह सकती है, जबकि 30 जून से 2 जुलाई के बीच तापमान में 5 से 6 डिग्री तक गिरावट आने और मानसूनी गतिविधियाँ तेज़ होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिलहाल छिटपुट वर्षा की संभावना है। प्रदेश के दोनों हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर लू का असर भी बना रहेगा।
उत्तराखंड में अगले चार से पाँच दिनों तक व्यापक वर्षा का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का ख़तरा देखते हुए चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिहार में भी आज से बारिश की गतिविधियाँ बढ़ेंगी, हालांकि कुछ इलाकों में उमस और लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है। झारखंड में 29 जून से 4 जुलाई तक व्यापक वर्षा, तेज़ हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को ख़राब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
मछुआरों के लिए चेतावनी, जुलाई की शुरुआत में और सक्रिय होगा मानसून
मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति ख़राब रहने की चेतावनी दी है। कोंकण, गोवा, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, दक्षिण गुजरात, अंडमान सागर और श्रीलंका के आसपास तेज़ हवाएँ चलने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। आईएमडी के अनुसार 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित हिमालयी राज्यों में बारिश और तेज़ हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जुलाई का पहला सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों के लिए अच्छी बारिश लेकर आ सकता है।