मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार! उत्तर भारत के कई राज्यों में 28 जुलाई तक तेज़ बारिश के आसार, जानें अपने इलाके का हाल
खरीफ फसलों के लिए बारिश बेहद अहम मानी जाती है। देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय होने से किसानों को राहत की उम्मीद है, लेकिन जिन इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है वहाँ खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका भी बढ़ गई है। आईएमडी का कहना है कि अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियाँ बनी रहेगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार 24 से 28 जुलाई के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की भी संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए बुवाई, सिचाई और दवा के छिड़काव जैसे कृषि कार्य करें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें।
उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई से और सक्रिय रहेगा मानसून
उत्तर प्रदेश में 24 से 26 जुलाई तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज़ हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई से प्रदेश में मानसून दोबारा मजबूत होगा, जिसमें पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है।
बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश के आसार
आईएमडी के अनुसार बिहार के कई हिस्सों में 24 जुलाई और फिर 27 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ भी चल सकती हैं। पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी आगले तीन दिनों तक तेज़ बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार वर्षा से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भी अलर्ट
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
किसानों के लिए क्या है सलाह
बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन जिन इलाकों में लगातार भारी बारिश का अनुमान है वहाँ धान, सब्जियों और अन्य फसलों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। आईएमडी ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही खेतों में उर्वरक औऱ कीटनाशकों का छिड़काव करें। भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिकत पानी निकालने की व्यवस्था रखें और फसल की नियमित निगरानी करते रहें। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना रहेगा। ऐसे में लोगों को खऱाब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने के साथ खुले स्थानों में न रहने और स्थानीय प्रशासन के ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।