राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025: "जिन पंचायतों ने बदली गाँवों की तस्वीर, उन्हें कल मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान"
ग्रामीण भारत में सुशासन, सतत विकास और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार (National Panchayat Awards-2025) का आयोजन 3 जून को नई दिल्ली में किया जाएगा। इस अवसर पर देशभर की 42 उत्कृष्ट पंचायतों को उनके नवाचार, विकास कार्यों और बेहतर प्रशासनिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित यह समारोह देश में स्थानीय स्वशासन को मजबूत बनाने और पंचायतों के बीच उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है।
कल होगा पुरस्कार वितरण समारोह
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 सम्मान समारोह का आयोजन 3 जून को नई दिल्ली में किया जाएगा। समारोह में केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल भी उपस्थित रहेंगे।
42 पंचायतों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
इस वर्ष कुल 42 पंचायतों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इनमें 34 ग्राम पंचायतों को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार और 8 पंचायतों को नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इन पंचायतों का चयन ग्रामीण विकास, सुशासन, सामाजिक भागीदारी और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर किया गया है।
पहले भी सम्मानित हो चुकी हैं विशेष श्रेणियों की पंचायतें
गौरतलब है कि 24 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 की तीन विशेष श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया था। अब 3 जून को आयोजित समारोह में शेष पुरस्कार श्रेणियों के विजेताओं को सम्मान प्रदान किया जाएगा।
जारी होगी ई-बुक और बेस्ट प्रैक्टिसेज का संकलन
समारोह के दौरान पुरस्कार प्राप्त पंचायतों के विकास कार्यों, नवाचारों और उपलब्धियों को दर्शाने वाली एक विशेष ई-बुक जारी की जाएगी। इसके अलावा देशभर में पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने से जुड़ी सफल पहलों और नवाचारों पर आधारित एक ‘कम्पेंडियम ऑफ बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का भी विमोचन होगा।
पंचायत प्रतिनिधि साझा करेंगे सफलता की कहानियाँ
कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि पुरस्कार प्राप्त पंचायतों के प्रमुख और प्रतिनिधि अपने विकास मॉडल, नवाचारों और उपलब्धियों को दो अलग-अलग सत्रों में प्रस्तुत करेंगे। इससे अन्य पंचायतों को सीखने और अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में अहम पहल
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार का उद्देश्य पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करना और सतत विकास लक्ष्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है। केंद्र सरकार का मानना है कि ऐसे पुरस्कार पंचायतों को नवाचार और जनहितकारी कार्यों के लिए प्रोत्साहित करते हैं तथा स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं।