जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में दाखिले के लिए आवेदन शुरू, 75% सीटें ग्रामीण छात्रों के लिए; जानिए पात्रता और एडमिशन प्रकिया
जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 6 में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) ने जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (JNVST) के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। 7 जुलाई 2026 से आवेदन शुरू हो गये हैं और इच्छुक विद्यार्थी 31 जुलाई 2026 तक बिना किसी शुल्क के फ़ॉर्म भर सकेंगे। प्रवेश परीक्षा 28 नवंबर 2026 को आयोजित होगी, जबकि चयनित विद्यार्थियों की सूची मार्च या अप्रैल 2027 में जारी की जाएगी। एडमिट कार्ड कब जारी होंगे, इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।
जवाहर नवोदय विद्यालय देश के ऐसे आवासीय स्कूल हैं, जहाँ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, रहने और खाने की सुविधा दी जाती है। इन विद्यालयों की शुरुआत खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी बच्चों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, खेलकूद, साहसिक गतिविधियों और शारीरिक विकास को भी बढ़ावा दिया जाता है। इसके अलावा तीन भाषाओं में दक्षता विकसित करने और हिंदी व गैर-हिंदी भाषी राज्यों के विद्यार्थियों के बीच माइग्रेशन योजना के ज़रिये राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने पर भी ज़ोर दिया जाता है। वर्तमान में देश के 27 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों में 665 जवाहर नवोदय विद्यालय संचालित हैं।
कौन कर सकता है आवेदन और कैसे होगा दाखिला
एनवीएस के मुताबिक आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। आवेदन केवल navodaya. gov. in पर उपलब्ध प्रवेश पोर्टल के माध्यम से किए जा सकेंगे।
आवेदन वही विद्यार्थी कर सकेंगे, जो संबंधित जिले के स्थायी निवासी हों और शैक्षणिक सत्र 2026-27 में किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ रहे हों। अभ्यर्थी की जन्मतिथि 1 मई 2015 से 31 जुलाई 2017 के बीच होनी चाहिए। साथ ही उसने कक्षा 3, 4 और 5 की पूरी पढ़ाई नियमित रूप से पूरी की हो।
हर जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में अधिकतम 80 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि यदि किसी विद्यालय में पर्याप्त आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, तो नवोदय विद्यालय समिति सीटों की संख्या 80 से घटाकर 40 भी कर सकती है। आवश्यकता पड़ने पर समिति को परिणाम रोकने, प्रवेश प्रक्रिया रोकने या चयन परीक्षा आयोजित न करने का भी अधिकार होगा।
विद्यालयों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास हैं। यहाँ शिक्षा, रहने और भोजन की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क दी जाती है। इसके अलावा खेलकूद, एनसीसी, स्काउट्स एवं गाइड्स, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) तथा माइग्रेशन योजना के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों का भी हिस्सा बनने का अवसर मिलता है।
ग्रामीण-शहरी श्रेणी भरते समय रखें सावधानी
नवोदय विद्यालय समिति ने आवेदन करने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आवेदन भरते समय यह सही-सही दर्ज करना होगा कि कक्षा 3, 4 और 5 का विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में था या शहरी क्षेत्र में। यदि इन कक्षाओं का विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है, तो अभ्यर्थी को ग्रामीण श्रेणी का माना जाएगा। वहीं, यदि विद्यालय शहरी क्षेत्र में है, तो अभ्यर्थी शहरी श्रेणी में आएगा।
ग्रामीण क्षेत्र वही माना जाएगा, जिसे आवेदन की अंतिम तिथि तक सरकार की अधिसूचना के अनुसार ग्रामीण घोषित किया गया हो। इसके अलावा सभी क्षेत्रों को शहरी क्षेत्र माना जाएगा। इसलिए आवेदन से पहले विद्यालय के क्षेत्र की सही जानकारी की पुष्टि करना ज़रूरी है।
75 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित
प्रवेश प्रक्रिया में प्रत्येक जिले की कम-से-कम 75 प्रतिशत सीटें ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित रहेंगी। बाकी सीटों पर ग्रामीण और शहरी, दोनों श्रेणियों के अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के अभ्यर्थियों को संबंधित जिले में उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलेगा। हालांकि किसी भी जिले में यह आरक्षण राष्ट्रीय औसत यानी एससी के लिए 15 प्रतिशत और एसटी के लिए 7.5 प्रतिशत से कम नहीं होगा। दोनों श्रेणियों का कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं रखा जाएगा। यदि किसी श्रेणी में पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो एससी और एसटी के बीच आरक्षित सीटों का परस्पर समायोजन किया जा सकेगा।
इसके अलावा केंद्रीय सूची के अनुसार ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जो एससी और एसटी के आरक्षण से अलग होगा। केवल वही अभ्यर्थी इस आरक्षण का लाभ ले सकेंगे, जिनके पास पंजीकरण या परीक्षा की तिथि से पहले जारी किया गया वैध केंद्रीय ओबीसी प्रमाण-पत्र होगा। केंद्रीय सूची में शामिल नहीं होने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में माना जाएगा।
कुल सीटों में से कम-से-कम एक-तिहाई सीटें बालिकाओं के लिए होंगी। वहीं ग्रामीण ओपन श्रेणी की सीटों का आवंटन संबंधित ब्लॉक की ग्रामीण आबादी के आधार पर नवोदय विद्यालय समिति के तय मानदंडों के अनुसार किया जाएगा।