Nepal Flood: “67 घायल, लेकिन सैकड़ों लाशें…” काठमांडू अस्पताल की दीवार पर तस्वीरों में अपनों को खोज रहे परिवार| Ground Report
नेपाल में आई भयावह बाढ़ ने सिर्फ़ घर, सड़क और पुल ही नहीं बहाए, बल्कि सैकड़ों परिवारों से उनके अपने भी छीन लिए। बाढ़ के बाद काठमांडू के अस्पतालों में घायलों और मृतकों को लाया जा रहा है। इसी बीच त्रिभुवन टीचिंग हॉस्पिटल की एक दीवार ऐसी तस्वीरों से भर गई है, जिन्हें देखकर हर किसी का दिल भारी हो जाता है। ये तस्वीरें उन लोगों की हैं, जिनके परिवार अब भी उन्हें खोज रहे हैं।
‘गाँव कनेक्शन’ की टीम जब अस्पताल पहुँची तो यहाँ एक अलग ही मंजर देखने को मिला। दीवार पर एक के बाद एक तस्वीरें लगी थीं। लोग आते, तस्वीरों को गौर से देखते, नाम और मोबाइल नंबर पढ़ते और उम्मीद करते कि शायद इनमें उनका अपना कोई चेहरा मिल जाए।
67 घायल, लेकिन सैकड़ों मौतों का दावा
अस्पताल में लापता लोगों की जानकारी लगातार जुटाई जा रही है। दीवार पर तस्वीरों के साथ उनके नाम, मोबाइल नंबर और दूसरी पहचान से जुड़ी जानकारी लिखी गई है। इनमें हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कई लोग भी शामिल हैं अस्पताल की ओर से जुटाई गई जानकारी पुलिस रिकॉर्ड तक भी पहुँचाई जा रही है। अगर किसी लापता व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी मिलती है या वह रेस्क्यू होकर सुरक्षित पहुँचता है, तो उसके परिवार को सूचित किया जाता है। लेकिन परिवारों के लिए हर नई तस्वीर और हर नया नाम एक उम्मीद भी है और डर भी। कई लोग बार-बार दीवार के सामने आकर तस्वीरें देखते हैं, शायद इस बार कोई पहचान मिल जाए।
‘गाँव कनेक्शन’ की टीम को अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि यहाँ 67 घायल लोगों का इलाज किया गया है, जबकि बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है। बड़ी संख्या में शव आने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ गया है। घायलों के इलाज के साथ-साथ मृतकों की पहचान और शवों को सुरक्षित रखने की चुनौती भी सामने है। कुछ शवों को दूसरे स्थानों पर भेजा जा रहा है और प्रभावित इलाक़ों में अस्थायी कैंप भी लगाए जा रहे हैं।
अस्पताल की दीवार बनी उम्मीद का सहारा
काठमांडू में ‘गाँव कनेक्शन’ की टीम ने अस्पताल में हालात को करीब से देखा। यहाँ आने वाली भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही थी। कोई तस्वीर में अपने भाई को तलाश रहा था, कोई बेटे का चेहरा ढूंढ रहा था तो कोई नामों की सूची में अपने किसी रिश्तेदार की जानकारी खोज रहा था। बाहर से देखने पर यह सिर्फ़ तस्वीरों से भरी एक दीवार लग सकती है, लेकिन इन तस्वीरों के पीछे हर परिवार की एक कहानी है - किसी के घर का सदस्य, किसी का दोस्त, किसी का बेटा या पिता।