Nepal Floods: 7 दिन से लापता भाई, अस्पतालों की लिस्ट में भी नहीं मिला नाम; बर्दिया से चितवन तक जारी तलाश
हाथ में भाई की तस्वीर है और आँखें हर चेहरे में उसे तलाश रही हैं। नेपाल में आई बाढ़ के बाद बर्दिया का एक परिवार पिछले सात दिनों से इसी उम्मीद में जगह-जगह भटक रहा है कि कहीं से भाई की कोई ख़बर मिल जाए। कभी अस्पताल की सूची देखी जाती है, कभी तस्वीर दिखाकर किसी से पहचान पूछी जाती है। लेकिन अब तक हर जगह से निराशा ही हाथ लगी है। परिवार के लिए सबसे मुश्किल बात यह है कि उन्हें यह तक पता नहीं कि उनका भाई कहाँ है और किस हाल में है।
लापता युवक रसुवा-मालुङ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में करीब दो साल से मज़दूर के तौर पर काम कर रहे थे। बाढ़ के बाद उनका परिवार से संपर्क टूट गया। बर्दिया से शुरू हुई तलाश काठमांडू होते हुए अब चितवन तक पहुँच गई है। परिवार ने काठमांडू में भी कई जगह भाई के बारे में पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद चितवन के अस्पतालों में लापता लोगों की सूचियाँ खंगाली गईं। टीचिंग हॉस्पिटल और कांती बाल अस्पताल में भी नाम और तस्वीर के ज़रिए पहचान कराने की कोशिश की गई, मगर अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
तस्वीर लेकर अस्पतालों के चक्कर
लापता युवक की बहन ने गाँव कनेक्शन को बताया कि परिवार हर संभव जगह पर भाई की तस्वीर दिखाकर जानकारी जुटा रहा है। अस्पतालों में मौजूद सूचियों में नाम तलाशने के साथ तस्वीर से भी पहचान कराने की कोशिश की गई, लेकिन अब तक भाई का कहीं पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि वे दो भाई हैं और दूसरा भाई फिलहाल घर पर है। परिवार ने अभी तक डीएनए सैंपल नहीं दिया है। ऐसे में फिलहाल तस्वीर और उपलब्ध सूचियों के ज़रिए ही तलाश आगे बढ़ाई जा रही है।
सात दिन बाद भी उम्मीद बरक़रार
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं और कई परिवार अपने रिश्तेदारों की तलाश में अलग-अलग शहरों और अस्पतालों तक पहुँच रहे हैं। ऐसे में हर सूची, हर फ़ोटो और हर नई सूचना परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई वजह बन रही है। बर्दिया से चितवन पहुँचा यह परिवार भी अब इसी उम्मीद के सहारे आगे बढ़ रहा है। सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन भाई की तलाश अभी जारी है। परिवार को भरोसा है कि कहीं न कहीं से कोई ऐसी जानकारी ज़रूर मिलेगी, जिससे उनके लापता भाई का पता चल सके।