UP Sugarcane Department: स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल के आँकड़ों की होगी जाँच, विभाग ने बनाया नया मॉड्यूल

Gaon Connection | Jun 23, 2026, 13:49 IST
उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग ने गन्ना समितियों और परिषदों के कार्यों की ऑनलाइन ऑडिटिंग के लिए नया मॉड्यूल विकसित किया है। इसके साथ ही 20 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज गन्ना क्षेत्रफल का राजस्व अभिलेखों से सत्यापन किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और रिकॉर्ड की शुद्धता सुनिश्चित करना है।

उत्तर प्रदेश में गन्ना विभाग अपनी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश की गन्ना विकास समितियों और गन्ना विकास परिषदों के वित्तीय एवं लेखा प्रबंधन को मज़बूत करने के लिए एक नया ऑनलाइन ऑडिट मॉड्यूल विकसित किया गया है। इस व्यवस्था के माध्यम से समितियों और परिषदों के कार्यों की निगरानी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर की जाएगी, जिससे लेखा-परीक्षण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी।



इसके साथ ही गन्ना किसानों से जुड़े आँकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने एक विशेष सत्यापन अभियान भी शुरू करने की तैयारी की है। 20 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस अभियान में स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज गन्ना क्षेत्रफल का मिलान भू-राजस्व अभिलेखों से कराया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे क्षेत्रफल, गन्ना प्रजाति और अन्य अभिलेखीय विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी तथा किसानों से जुड़े रिकॉर्ड अधिक विश्वसनीय बन सकेंगे।



ऑनलाइन मॉड्यूल से होगी लेखा-परीक्षण की निगरानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा और शासन के निर्देशों के तहत चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने गन्ना समितियों और गन्ना विकास परिषदों के वित्तीय एवं लेखा प्रबंधन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन ऑडिट मॉड्यूल विकसित किया है। इस मॉड्यूल के माध्यम से नामित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण और लेखा-परीक्षण की निगरानी ऑनलाइन की जाएगी। निरीक्षण के दौरान प्राप्त निष्कर्ष, टिप्पणियाँ और अनुपालन से जुड़ी जानकारी सीधे पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।



चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को दिया गया प्रशिक्षण

ऑनलाइन प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए विभाग ने सभी नामित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को विशेष प्रशिक्षण दिया है। प्रशिक्षण के दौरान मॉड्यूल संचालन, रिपोर्टिंग प्रणाली, अभिलेख परीक्षण, ऑडिट चेकलिस्ट, फ़ोटो अपलोडिंग, जियो-टैगिंग और ऑनलाइन अनुपालन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विभाग के अनुसार, इससे गन्ना समितियों और परिषदों की लेखा प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीक आधारित बनेगी। साथ ही वित्तीय लेन-देन और अभिलेखों की शुद्धता की समीक्षा भी व्यवस्थित ढंग से की जा सकेगी।



20 जुलाई से शुरू होगा सत्यापन अभियान

गन्ना आयुक्त ने बताया कि 20 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक प्रदेशव्यापी अभियान चलाकर स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज गन्ना क्षेत्रफल का मिलान राजस्व अभिलेखों से कराया जाएगा। इसके लिए विभाग ने विशेष सॉफ़्टवेयर भी विकसित किया है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी, जहाँ पिछले वर्ष गन्ना क्षेत्रफल को लेकर अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थीं। अभियान के सफल संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है।



जनप्रतिनिधियों और समितियों का लिया जाएगा सहयोग

विभाग ने बताया कि अभियान को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए गन्ना विकास समितियों के अध्यक्षों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जाएगा। अभियान पूरा होने के बाद ज़िला स्तर के अधिकारी कार्य की प्रमाणिकता की पुष्टि करते हुए प्रमाण-पत्र भी जारी करेंगे।



विसंगतियों के समाधान पर रहेगा फोकस

गन्ना प्रजाति, क्षेत्रफल और अन्य अभिलेखीय त्रुटियों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा। प्राप्त शिकायतों का समाधान नियमानुसार सुनिश्चित किया जाएगा। गन्ना आयुक्त के अनुसार, प्रदेश सरकार गन्ना विभाग में सुशासन और वित्तीय अनुशासन को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑनलाइन ऑडिट मॉड्यूल और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की नई व्यवस्था से गन्ना समितियों एवं गन्ना विकास परिषदों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता का नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद है।

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