Weather Update Today: उत्तर भारत में आंधी-बारिश का बड़ा अलर्ट, जानिए यूपी से राजस्थान तक किस राज्य में कैसा रहेगा मौसम
भीषण गर्मी से जूझ रहे उत्तर भारत को आज मौसम राहत देने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर और आसपास के जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कई जिलों में बिजली गिरने और धूलभरी आंधी का भी खतरा बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश: 50 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम बिगड़ने वाला है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, अलीगढ़, बरेली और झांसी समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने का भी खतरा है। मौसम विभाग ने किसानों को फसल कटाई और स्प्रे कार्य फिलहाल रोकने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर: धूलभरी आंधी और तेज बारिश का खतरा
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में शनिवार रात से मौसम सक्रिय हो चुका है। कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। IMD ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इससे तापमान में 4 से 6 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।
राजस्थान: सबसे ज्यादा तूफानी हवाओं का अलर्ट
राजस्थान इस बार सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल है। जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, नागौर, सीकर और अलवर में धूलभरी आंधी के साथ बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
हरियाणा और पंजाब: गर्मी से राहत
चंडीगढ़, अंबाला, हिसार, करनाल, रोहतक, लुधियाना, पटियाला और अमृतसर समेत कई शहरों में आज और कल बारिश के आसार हैं। तेज हवाएं चलेंगी जिससे लू का असर कम होगा। किसानों को गेहूं भंडारण और पशुओं की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: ओलावृष्टि की चेतावनी
देहरादून, नैनीताल, मसूरी, चमोली, शिमला, कुल्लू और मनाली में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
बिहार: आंधी और बिजली गिरने का खतरा
पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
झारखंड और ओडिशा: 70 किमी प्रति घंटा तक चल सकती है हवा
रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद और ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में जलभराव और बिजली बाधित होने की आशंका है।
मध्य प्रदेश: बारिश और ओले दोनों का खतरा
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और सागर संभाग में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट है जबकि कई जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
गुजरात: भारी बारिश और तेज हवाओं का डबल अलर्ट
अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट और कच्छ क्षेत्र में अगले 48 घंटे मौसम खराब रह सकता है। 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं।
महाराष्ट्र: विदर्भ और मराठवाड़ा में मौसम बदलेगा
नागपुर, अमरावती, अकोला, औरंगाबाद और मराठवाड़ा क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। विदर्भ में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में भारी बारिश
केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है।
किसानों के लिए सबसे जरूरी सलाह
- कट चुकी फसल को खुले में न छोड़ें।
- धान, मक्का और सब्जियों की नर्सरी को सुरक्षित रखें।
- कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव फिलहाल टाल दें।
- पशुओं को खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित शेड में रखें।
- बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम न करें।
आगे क्या होगा?
IMD के अनुसार 1 जून तक उत्तर भारत में बारिश और आंधी का असर बना रहेगा। इसके बाद कई राज्यों में मौसम साफ हो सकता है, लेकिन जून के पहले सप्ताह में तापमान फिर तेजी से बढ़ने की संभावना है। साथ ही मौसम विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि 2026 का मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है, जिससे आगे चलकर गर्मी और सूखे की चुनौती बढ़ सकती है।