प्याज़ के बढ़ते भाव के बीच राहत की खबर, केंद्र देगा 1,000 मीट्रिक टन प्याज़; ₹35 किलो में होगी बिक्री

Mansi | Sept 01, 2026, 18:34 IST
प्याज की ऊँची कीमतों पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 35 रुपये प्रति किलो की दर पर प्याज उपलब्ध कराने का ऐलान किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 1,000 मीट्रिक टन प्याज दिल्ली को भेजा जाएगा। खास तौर पर नासिक से 'कांदा एक्सप्रेस' के माध्यम से प्याज की आपूर्ति की जा रही है।

दिल्ली में इन दिनों रसोई का बजट बिगाड़ रहा प्याज़ अब कुछ सस्ता मिल सकता है। बढ़ती कीमतों के बीच दिल्ली सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए सस्ती दर पर प्याज़ उपलब्ध कराने का फ़ैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार दिल्ली के लिए 1,000 मीट्रिक टन प्याज़ देगी, जिसे लोगों को 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचा जाएगा।



सरकार की कोशिश सिर्फ़ सस्ता प्याज़ उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने की भी है। इसके लिए दिल्ली के सभी 13 ज़िलों में उचित मूल्य की दुकानों के साथ मोबाइल वैन के ज़रिए भी बिक्री की जाएगी। इससे उन इलाक़ों में रहने वाले लोगों को भी फायदा मिल सकेगा, जहाँ ऐसी दुकानों तक पहुँचना मुश्किल होता है।



बारिश से फसल प्रभावित, बढ़े प्याज़ के दाम

पिछले कुछ हफ़्तों में बारिश के कारण प्याज़ की फसल को नुकसान पहुंचने के बाद कीमतों में तेज़ी आई है। दिल्ली के खुदरा बाज़ारों में प्याज़ फिलहाल करीब 50 से 60 रुपये किलो बिक रहा है। कुछ बाज़ारों में ग्राहकों को इसके लिए इससे भी ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। दिल्ली सरकार का कहना है कि राजधानी में प्याज़ की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार इसकी उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नज़र रख रही है, ताकि लोगों को ज़रूरी खाद्य वस्तु उचित दाम पर मिलती रहे।



नासिक से दिल्ली पहुँची ‘कांदा एक्सप्रेस’

कीमतों पर काबू पाने की कोशिश के तहत नासिक से दिल्ली तक विशेष ‘कांदा एक्सप्रेस’ भी चलाई गई। इस ट्रेन के ज़रिए करीब 456 मीट्रिक टन प्याज़ दिल्ली पहुँचाया गया। दिल्ली पहुँचने के बाद प्याज़ की इस खेप को नौ प्रमुख केंद्रीय भंडारों में भेजा गया। वहां से मोबाइल वैन के ज़रिए अलग-अलग इलाक़ों में बिक्री शुरू की गई। इन वैन से लोगों को 35 रुपये प्रति किलो की दर पर प्याज़ दिया जा रहा है। इस पहल का फायदा सिर्फ़ दिल्ली तक सीमित नहीं है। कांदा एक्सप्रेस से पहुँची प्याज़ की सप्लाई उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ चिन्हित इलाक़ों में भी की जा रही है।



सरकारी बिक्री के बावजूद खुले बाज़ार में राहत नहीं

सरकार की ओर से सस्ता प्याज़ उपलब्ध कराने की कोशिश के बावजूद सामान्य बाज़ार में कीमतें अभी ऊंची बनी हुई हैं। दिल्ली की ओखला सब्ज़ी मंडी में हाल के दिनों में थोक भाव करीब 48 से 50 रुपये किलो रहा, जबकि खुदरा बाज़ार में प्याज़ 60 से 80 रुपये किलो तक बिकने की बात सामने आई। ऐसे में सरकारी बिक्री लोगों के लिए राहत का एक विकल्प बन सकती है, लेकिन खुले बाज़ार में कीमतों को नीचे आने में अभी समय लग सकता है।



जमाखोरी और कालाबाज़ारी पर सरकार की नज़र

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के मुताबिक प्याज़ की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे जमाखोरी, कालाबाज़ारी और मुनाफ़ाखोरी जैसे कारण भी हो सकते हैं। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को पूरा करने के लिए देश में प्याज़ की पर्याप्त उपलब्धता है। सरकार ने फिलहाल प्याज़ के निर्यात पर रोक लगाने की बात से भी इनकार किया है। अप्रैल से जून 2026 के बीच देश से करीब 3.82 लाख टन प्याज़ का निर्यात हुआ था।



सरकारी बफ़र स्टॉक वाले प्याज़ की बिक्री NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार के ज़रिए की जा रही है। इसके अलावा मदर डेयरी के सफ़ल स्टोर पर भी लोगों को सस्ती दर पर प्याज़ उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का कहना है कि वह प्याज़ के दाम और उपलब्धता पर लगातार नज़र रख रही है। आने वाले दिनों में सप्लाई बढ़ाकर कीमतों के दबाव को कम करने और लोगों को राहत देने की कोशिश जारी रहेगी।

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