पद्म पुरस्कार 2026: राष्ट्रपति ने 65 विभूतियों को किया सम्मानित, कृषि क्षेत्र में योगदान के लिए स्वर्गीय रघुपत सिंह और डॉ. जोगेश देउरी को पद्मश्री
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार 2026 के दूसरे अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 65 हस्तियों को सम्मानित किया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित समारोह में कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, उद्योग, सामाजिक सेवा और कृषि समेत अनेक क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए। इस बार कृषि और ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यों को भी विशेष पहचान मिली, जिससे किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ।
समारोह में कृषि क्षेत्र से जुड़े नाम विशेष रूप से चर्चा में रहे। कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वर्गीय रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया, जबकि पूर्वोत्तर भारत में एरी और मूगा रेशम उत्पादन को नई पहचान दिलाने वाले डॉ. जोगेश देउरी को भी पद्मश्री प्रदान किया गया। दोनों हस्तियों के कार्यों ने कृषि आधारित आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कृषि क्षेत्र में योगदान के लिए स्वर्गीय रघुपत सिंह को पद्मश्री
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वर्गीय रघुपत सिंह को कृषि क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया। खेती-किसानी और कृषि विकास से जुड़े उनके कार्यों को किसानों के हित में महत्वपूर्ण माना जाता है। यह सम्मान कृषि क्षेत्र में उनके लंबे समय तक किए गए योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना है।
रेशम उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने वाले डॉ. जोगेश देउरी भी सम्मानित
पद्मश्री प्राप्त करने वालों में डॉ. जोगेश देउरी का नाम भी शामिल रहा। उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में विशेष रूप से एरी और मूगा रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने में दशकों तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके प्रयासों से ग्रामीण समुदायों की आजीविका मज़बूत हुई, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला और टिकाऊ सेरिकल्चर (रेशम पालन) को बढ़ावा मिला। उनके कार्यों का भारत के रेशम क्षेत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव माना जाता है।
इन हस्तियों को मिला पद्म विभूषण
समारोह में सार्वजनिक जीवन के क्षेत्र में योगदान के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. टी. थॉमस को पद्म विभूषण प्रदान किया गया। वहीं साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए वरिष्ठ मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को भी पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
पद्म भूषण से सम्मानित हुईं कई प्रमुख हस्तियाँ
राष्ट्रपति ने प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याग्निक को संगीत क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म भूषण प्रदान किया। मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को भारतीय फिल्म जगत में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा अमेरिकी कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दत्तात्रेयुडु नोरी को चिकित्सा विज्ञान, टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज को खेल, उद्योगपति एस. के. एम. मैलानंदन को उद्योग एवं व्यापार तथा वेल्लापल्ली नटेशन को सामाजिक सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म भूषण प्रदान किया गया।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और वरिष्ठ आदिवासी नेता स्वर्गीय शिबू सोरेन को जनसेवा और सार्वजनिक जीवन में योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया।
131 पद्म पुरस्कारों की हुई थी घोषणा
केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिनमें पाँच पद्म विभूषण शामिल थे। इससे पहले 25 मई को आयोजित पहले अलंकरण समारोह में भी 65 पुरस्कार प्रदान किए गए थे।
पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। इन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री श्रेणियों में कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, खेल, उद्योग, कृषि, सामाजिक सेवा और जनसेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।