महंगाई का डबल अटैक: पेट्रोल, CNG, दूध हुए महंगे, ₹300 से ज्यादा का नहीं मिलेगा Fuel; किसानों और गाँवों तक बढ़ेगी मंहगाई
देश में महंगाई एक बार फिर आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने लगी है। पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल-डीजल, CNG और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर अब रोजमर्रा की जिंदगी के कई हिस्सों पर दिखने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन महंगा होने से सिर्फ गाड़ी चलाना ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीजों से लेकर यात्रा, ऑनलाइन डिलीवरी और खेती तक सब कुछ प्रभावित हो सकता है।
पेट्रोल-डीजल महंगा, हर सफर पड़ेगा भारी
हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद माल ढुलाई और परिवहन लागत बढ़ने लगी है। इसका सीधा असर बस, ऑटो, टैक्सी और ट्रक किराए पर पड़ सकता है। रोज ऑफिस जाने वाले लोग और छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
CNG महंगी होने से ऑटो-टैक्सी किराया बढ़ने की आशंका
दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतों में 48 घंटे के भीतर दो बार बढ़ोतरी हुई है। पहले ₹2 प्रति किलो और फिर ₹1 प्रति किलो का इजाफा किया गया। दिल्ली में CNG ₹80 प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है। इसका असर ऑटो, कैब और छोटे कमर्शियल वाहनों पर पड़ेगा, जिससे यात्रियों का खर्च भी बढ़ सकता है।
छत्तीसगढ़ में तय हुई पेट्रोल लेने की समय सीमा
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पेट्रोल-डीजल की खरीद पर अस्थायी सीमा तय की गई है। जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए दोपहिया वाहनों में अधिकतम ₹300 और चारपहिया वाहनों में ₹1000 तक का ही पेट्रोल दिया जाए, जबकि ड्रम, जेरीकेन या बोतलों में ईंधन बिक्री पर रोक रहेगी। एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति और उसके वैश्विक असर का जिक्र करते हुए लोगों से पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने और अनावश्यक खरीद से बचने की अपील की। हालांकि रायपुर समेत कई शहरों में ईंधन कमी की अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं, लेकिन राज्य सरकार और खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।
दूध और खाने-पीने की चीजें भी होंगी महंगी
Amul और Mother Dairy ने दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सब्जियां, फल, दूध, अनाज और किराना सामान की ढुलाई लागत भी बढ़ेगी। आने वाले दिनों में बाजार में खाद्य पदार्थ और महंगे हो सकते हैं।
ऑनलाइन डिलीवरी और यात्रा खर्च बढ़ सकता है
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी सेवाओं पर भी पड़ सकता है। Zomato, Swiggy, Blinkit और कैब सेवाओं जैसे Uber व Ola की सेवाएं महंगी हो सकती हैं। डिलीवरी चार्ज और यात्रा किराए में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
बिजली बिल और अन्य खर्च भी बढ़ सकते हैं
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बिजली दरों पर भी असर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बिजली के फिक्स्ड चार्ज बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं का मासिक खर्च और बढ़ सकता है।
किसानों और गाँवों पर भी असर
डीजल महंगा होने से खेती की लागत भी बढ़ सकती है। ट्रैक्टर, सिंचाई पंप, फसल ढुलाई और मंडी तक परिवहन का खर्च बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर ग्रामीण बाजार और खाद्य महंगाई पर भी दिखाई देगा।