8 दिन में तीसरी बार बढ़ीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें, इन जगहों पर ₹110 लीटर हुआ पेट्रोल, जानें अपने इलाके के नए रेट
देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। मई महीने में 8 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों के साथ-साथ परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर महंगा होकर 99.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जबकि डीजल 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गया। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को करीब 90 पैसे का इजाफा हुआ था। अब ताजा बढ़ोतरी के बाद 15 मई से अब तक पेट्रोल-डीजल करीब 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।
पेट्रोल की नई कीमतें (23 मई)
| शहर | पेट्रोल कीमत (रुपये/लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 99.51 | +87 पैसे |
| मुंबई | 108.49 | +90 पैसे |
| कोलकाता | 110.64 | +94 पैसे |
| चेन्नई | 105.31 | +82 पैसे |
| गुरुग्राम | 100.37 | +86 पैसे |
| नोएडा | 99.51 | +86 पैसे |
| बेंगलुरु | 108.09 | +95 पैसे |
| भुवनेश्वर | 106.18 | +93 पैसे |
| चंडीगढ़ | 98.97 | +87 पैसे |
| हैदराबाद | 112.81 | +97 पैसे |
| जयपुर | 109.84 | +90 पैसे |
| लखनऊ | 99.26 | +84 पैसे |
| पटना | 110.47 | +93 पैसे |
| तिरुवनंतपुरम | 112.64 | +94 पैसे |
डीजल की नई कीमतें (23 मई)
| शहर | डीजल कीमत (रुपये/लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 92.49 | +91 पैसे |
| मुंबई | 95.02 | +94 पैसे |
| कोलकाता | 97.02 | +95 पैसे |
| चेन्नई | 96.98 | +87 पैसे |
| गुरुग्राम | 92.93 | +92 पैसे |
| नोएडा | 91.93 | +91 पैसे |
| बेंगलुरु | 95.99 | +95 पैसे |
| भुवनेश्वर | 97.80 | +97 पैसे |
| चंडीगढ़ | 86.94 | +85 पैसे |
| हैदराबाद | 100.94 | +99 पैसे |
| जयपुर | 95.05 | +91 पैसे |
| लखनऊ | 92.64 | +91 पैसे |
| पटना | 96.53 | +95 पैसे |
| तिरुवनंतपुरम | 101.55 | +96 पैसे |
पश्चिम एशिया तनाव का असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब भारतीय बाजार में दिखने लगा है। लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के बाद अब तेल कंपनियां धीरे-धीरे बढ़ी लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं। भारत दुनिया की उन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था जहां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद लंबे समय तक पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए थे। लेकिन अब लगातार संशोधन किए जा रहे हैं।
तेल कंपनियों पर बढ़ रहा घाटा
रिपोर्ट्स के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल बेचने पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के मुताबिक डीजल पर प्रति लीटर 25 से 30 रुपये और पेट्रोल पर 10 से 14 रुपये तक की अंडर-रिकवरी बनी हुई है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह सरकारी तेल कंपनियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
आम आदमी और महंगाई पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी महंगे होने का असर सिर्फ वाहन चलाने की लागत तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सब्जियों, फल, दूध और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। लगातार बढ़ते ईंधन दामों को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी असर से बचने के लिए पहले कीमतें रोकी गई थीं और अब धीरे-धीरे बढ़ोतरी की जा रही है।