फर्ज़ी मार्कशीट और 35 साल नायब तहसीलदार की नौकरी
गाँव कनेक्शन | Sep 16, 2016, 16:21 IST
एटा। प्रदेश में शिक्षा माफियाओं का तंत्र इतना मजबूत है कि एक शख्स फर्ज़ी मार्कशीट भी बन गई और सत्यापन के बाद पिछले 35 सालों से नायब तहसीलदार की नौकरी भी कर रहा है।
एटा सदर के नायब तहसीलदार जमशेद आलम की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट फर्ज़ी होने का खुलासा आरटीआई के जरिए हुआ। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जमशेद आलम के दस्तावेजों को फर्ज़ी करार देते हुए सत्यापित कॉपी भी दी है। इसके बाद राजस्व विभाग ने इसकी जांच डीएम को सौंपी है।
वहीं इस बारे में जब जमशेद आलम से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। आलम की इंटरमीडिएट की सप्लीमेंट्री परीक्षा में जो रोल नंबर 22287-339242 दिखाया है, वो कृष्ण पाल सिंह चौहान का है, जो दयानंद स्मारक इंटर कालेज मैनपुरी से अंग्रेजी की परीक्षा देने के लिए आवंटित किया गया था।
एटा सदर के नायब तहसीलदार जमशेद आलम की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट फर्ज़ी होने का खुलासा आरटीआई के जरिए हुआ। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जमशेद आलम के दस्तावेजों को फर्ज़ी करार देते हुए सत्यापित कॉपी भी दी है। इसके बाद राजस्व विभाग ने इसकी जांच डीएम को सौंपी है।
वहीं इस बारे में जब जमशेद आलम से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। आलम की इंटरमीडिएट की सप्लीमेंट्री परीक्षा में जो रोल नंबर 22287-339242 दिखाया है, वो कृष्ण पाल सिंह चौहान का है, जो दयानंद स्मारक इंटर कालेज मैनपुरी से अंग्रेजी की परीक्षा देने के लिए आवंटित किया गया था।