PM Fasal Bima Yojana: जानिए आवेदन का पूरा तरीका, एक हेक्टेयर फसल के लिए कितना देना होगा प्रीमियम और कितना मिलेगा कवर

Umang | Jul 02, 2026, 17:45 IST
1 जुलाई से देशभर में फसल बीमा माह की शुरुआत हो गई है, जो 31 जुलाई तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ना है। खरीफ़ फसलों के लिए किसानों को केवल 2% प्रीमियम देना होता है, जबकि शेष राशि सरकार वहन करती है। किसान ऑनलाइन, CSC, बैंक या Crop Insurance ऐप के जरिए आवेदन कर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर मुआवज़ा प्राप्त कर सकते हैं।

अगर आपकी फसल आग लगने, बाढ़, अत्यधिक बारिश, सूखा, ओलावृष्टि, तेज़ आँधी, बिजली गिरने, जलभराव, कीटों के हमले या फसलों में लगने वाली बीमारियों की वजह से खराब हो जाती है, तो अब पूरे नुकसान का बोझ अकेले उठाने की ज़रूरत नहीं है। केंद्र सरकार किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) चला रही है, जिसके तहत बहुत कम प्रीमियम देकर किसान अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। नुकसान होने पर उन्हें तय नियमों के अनुसार मुआवज़ा भी मिलता है।



इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से 31 जुलाई तक पूरे देश में 'फसल बीमा माह' अभियान शुरू किया है। इस दौरान कृषि विभाग, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), बैंक और बीमा कंपनियाँ किसानों को योजना की जानकारी देंगी और समय पर बीमा कराने के लिए जागरूक करेंगी। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ना है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।



कितना देना होगा प्रीमियम, किन फसलों पर मिलेगा बीमा?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी। योजना के तहत फसल की बुआई से लेकर कटाई के बाद तक कई तरह के जोखिमों को कवर किया जाता है। खरीफ़ फसलों जैसे धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, दालें और तिलहन के लिए किसानों को बीमा राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। रबी फसलों के लिए यह दर 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत निर्धारित की गई है। यदि वास्तविक (एक्चुअरियल) प्रीमियम इससे अधिक होता है, तो शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं। यही वजह है कि किसानों को कम लागत में बड़ा बीमा कवर मिल जाता है।



योजना के तहत सूखा, बाढ़, अत्यधिक बारिश, जलभराव, ओलावृष्टि, चक्रवात, तेज़ आँधी, आग लगना, बिजली गिरना, कीटों का हमला और फसलों में रोग जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर बीमा का लाभ मिलता है। इसके अलावा प्रतिकूल मौसम के कारण यदि बुआई नहीं हो पाती है तो किसान निर्धारित शर्तों के तहत मुआवज़ा पाने के पात्र हो सकते हैं। कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को भी प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के लिए 14 दिनों तक बीमा सुरक्षा दी जाती है। हालांकि युद्ध, परमाणु दुर्घटना, दंगे, चोरी, जंगली जानवरों द्वारा फसल को नुकसान और मानवीय लापरवाही से हुए नुकसान को योजना में शामिल नहीं किया गया है।



राज्यों के अनुसार प्रीमियम और बीमित राशि अलग-अलग हो सकती है। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र में खरीफ़ सीज़न 2026 के लिए 1 हेक्टेयर धान की फसल का बीमा कराने पर किसान को केवल 65 रुपये प्रीमियम देना होगा और बदले में 65,000 रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।




वहीं मध्य प्रदेश में 1 हेक्टेयर मक्का की फसल के लिए किसान को 680 रुपये प्रीमियम देना होगा। सरकार इस पर 2,720 रुपये का योगदान करेगी और किसान को 34,000 रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा। यहाँ भी आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।



कौन कर सकता है आवेदन और किन दस्तावेज़ों की होगी ज़रूरत?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ वे किसान उठा सकते हैं जो अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसलों की खेती कर रहे हैं। किसान स्वयं की भूमि, बटाई या लीज़ पर ली गई जमीन पर खेती कर रहे हों, तब भी योजना के लिए पात्र हैं। आवेदन करने के लिए किसान के पास आधार कार्ड, बैंक खाता, भूमि संबंधी दस्तावेज़, बोई गई फसल का विवरण, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट आकार का फोटो होना आवश्यक है।



सरकार ने आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराया है, ताकि अधिक से अधिक किसान आसानी से योजना का लाभ उठा सकें।



ऐसे करें आवेदन, घर बैठे भी पूरी होगी प्रक्रिया

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ। इसके बाद Farmer Corner में जाकर नए किसान के रूप में पंजीकरण करें। यहाँ किसान को अपना नाम, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, राज्य, जिला, बैंक खाते की जानकारी और भूमि का विवरण दर्ज करना होगा। इसके बाद जिस फसल का बीमा कराना है, उसका नाम, क्षेत्रफल और सीज़न का चयन करें।



सभी आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद भरी गई जानकारी की एक बार अच्छी तरह जाँच करें और प्रीमियम का भुगतान कर आवेदन जमा कर दें। आवेदन सफल होने के बाद मिलने वाली रसीद और आवेदन संख्या को सुरक्षित रखें, क्योंकि भविष्य में बीमा दावा करते समय इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।



जो किसान ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), अधिकृत बैंक, डाकघर, बीमा कंपनी के कार्यालय या Crop Insurance मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए कृषि रक्षक हेल्पलाइन 14447 पर संपर्क किया जा सकता है।

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